शिक्षामित्र के रोते-बिलखते परिजन।
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बिल्हौर। ककवन थाना क्षेत्र स्थित मैदों ग्राम पंचायत के बिलारीपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र ने बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वैसे शिक्षामित्र के आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या की चर्चा है, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी ककवन ने मृतक शिक्षामित्र का सिर्फ दो माह का मानदेय ही शेष होने की बात कही है।
ककवन क्षेत्र के कन्नौज जनपदीय सीमा पर स्थित मैदों ग्राम पंचायत के बिलारीपुर गांव निवासी उजियारे लाल (40) गांव के ही प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र थे। उजियारे लाल अपनी पत्नी सुधा और तीन बच्चों मानसी, प्रशांत और निशांत संग रहते थे। रविवार रात भी उजियारे रोज की तरह परिवार संग खाना खाकर सो गए थे। पत्नी ने बताया कि रात में किसी समय घर के दूसरे कमरे में पति ने रस्सी से छत के कुंडे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, सोमवार सुबह जागने पर उन्हें घटना की जानकारी हो सकी। आनन फानन में मामले की सूचना परिजनों और पुलिस को दी गई।
एसओ ककवन अमित मिश्र ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस पहुंची और फंदे से शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने पुलिस पूछताछ में पेट संबंधी बीमारी के कारण आत्महत्या की बात बताई है। उधर घटना के बाद शिक्षामित्र के आर्थिक तंगी की चर्चा भी गांव में हैं, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी ककवन धर्मप्रकाश ने बताया कि शिक्षामित्र के परिवार के प्रति विभाग शोक व्यक्त करता है, लेकिन उजियारे लाल का सिर्फ दो माह का मानदेय शेष है, सरकार की व्यवस्था के तहत सभी शिक्षामित्रों का भुगतान इस बार आनलाइन ढंग से किया जा रहा है। इसलिए विलंब हुआ है, जनपद के सभी शिक्षामित्रों का मानदेय एक साथ आएगा।
शिक्षामित्र उजियारे लाल- फोटो : DEHAT