यूपी के कानपुर शहर में बच्चों को होने वाली हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (एचएफएमडी) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 15 दिन में 15 फीसदी मरीज बढ़ने से डॉक्टर भी हैरान हैं। इस रोग से स्कूली बच्चे ज्यादा ग्रसित हैं। रोगियों की संख्या बढ़ती देख डाक्टरों ने स्कूलों को एडवाइजरी भेजनी शुरू कर दी है कि बीमार बच्चों को छुट्टी दे दें।
हैलट के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव का कहना है कि रोगी बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज के रोगियों की संख्या 40 फीसदी हो गई है। सोमवार को हैलट ओपीडी में आए 250 बच्चों में 100 रोगियों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए।
एचएफएमडी पहले जानवरों में खुरपका के नाम से पाई जाती थी। अब यह इंसानों में पाए जाने लगी है। पिछले हफ्ते स्वरूपनगर और कौशलपुरी के स्कूलों में इस बीमारी से ग्रसित आठ बच्चे पाए गए थे। यह बीमारी 10 साल से कम उम्र के बच्चों को अधिक गिरफ्त में ले रही है। इसमें बच्चों को तेज बुखार आता है और पैरों, हाथ में छाले पड़ जाते हैं।
डेमो पिक
वरिष्ठ होम्योपैथ डॉ. हर्ष निगम ने कैंट क्षेत्र के एक स्कूल के प्रबंधन को पत्र लिखकर सलाह दी है कि बीमार बच्चों को छुट्टी दे दें। अभिभावक रोगी बच्चों को कम से कम सात दिनों तक स्कूल न भेजें। यह बीमारी रोगी की पुस्तक, खिलौने आदि सामान छूने से भी फैलती है। बीमारी कोकसेकी नाम के वायरस से हो रही है।
लक्षण
- बच्चे के पैर, हाथ और मुंह में छाले निकल आते हैं।
- छालों में तेज दर्द रहता है
- रोगी को तेज बुखार आता है
- शरीर में लाल चकत्ते पड़ जाते हैं
ध्यान रखें
डेमो पिक
- यह रोग पांच से सात दिन तक रहता है
- बच्चे को आराम कराएं
- रोगी के कपड़े रोज बदलें, बेड शीट, तकिया भी हर रोज बदलें
- डाक्टर की सलाह पर बच्चों को सादा खाना खिलाएं
- दूसरे बच्चे को रोगी से दूर रखें।