रामनवमी के जुलूस से लौटे युवक ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पुलिस व फॉरेंसिक की टीम भी पहुंची। परिजन ने उरई पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। कोतवाली अंतर्गत रमेड़ी तरौस निवासी राजू उर्फ राजेंद्र वर्मा ने बताया कि उसका बेटा अभिषेक (21) शुक्रवार को दोस्तों के साथ जुलूस में शामिल था। देर रात घर पहुंचा और फिर सोने चला गया। शनिवार सुबह देर तक उसके न जागने पर जब कमरे का दरवाजे खटखटाया गया तो वह भीतर से बंद मिला।
रोशनदान से देखा गया तो अभिषेक का शव फंदे से लटक रहा था। अभिषेक के पिता राजू का कहना है कि उरई में उनकी बेटी की ससुराल है। वहीं पर तीन वर्ष पूर्व बेटी की रिश्तेदार युवती से अभिषेक की दोस्ती हो गई थी। इस पर युवती के परिजन ने बेटे पर गलत आरोप लगाकर उसे जेल भिजवा दिया था। राजू के मुताबिक तीन दिन पूर्व युवती लापता हो गई थी। इसको लेकर उरई पुलिस उसे व अभिषेक को फोन कर धमका रही थी। वहीं, इस संबंध में कोतवाली प्रभारी पवन कुमार पटेल ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।