कुरारा थाना क्षेत्र के भौली ग्राम पंचायत के मजरा कुतुबपुर पटिया में बुधवार देर शाम यमुना नदी में संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई। इसमें कुल नौ लोग सवार थे। नाविक ने निकाल लिया लेकिन छह लोग समाचार लिखे जाने तक लापता हैं। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक स्थानीय गोताखोरों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा। नदी में जाल डालकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार कुतुबपुर पटिया निवासी विष्णु पुत्र रामस्वरूप की भतीजी की शादी मंगलवार को थी। बुधवार को लड़की की विदाई होने के बाद परिवार और रिश्तेदार शाम करीब चार बजे गांव से करीब एक किलोमीटर दूर यमुना नदी की टापू पर खरबूजा, ककड़ी और तरबूज लेने गए थे। देर शाम करीब छह बजे सभी लोग नाव से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में नाव अचानक पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
नाव में कुल नौ लोग सवार थे। हादसे में नाव चला रहे विष्णु पुत्र रामस्वरूप निवासी कुतुबपुर पटिया, रिंकू पुत्र राजू निवासी कुतुबपुर पटिया और पारुल पुत्री बउआ निवासी कुतुबपुर पटिया को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों को बेहोशी की हालत में सीएचसी कुरारा भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया।
हादसे में आकांक्षा पुत्री रामहेत (9), रानी पुत्री बच्चन (9) निवासी पटिया, बृजरानी पत्नी पप्पू (25) निवासी मनकी, लभ्यांश पुत्र/पुत्री विष्णु (5) निवासी मनकी, गोरेलाल पुत्र महेश (6) और आदित्य पुत्र महेश (11) निवासी घाटमपुर लापता हो गए। देर रात तक सभी की तलाश जारी रही।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक, जिलाधिकारी अभिषेक कुमार, सीओ सदर राजेश कमल और थाना प्रभारी बृजेश कुमार मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया गया। पुलिस ने कुतुबपुर से पटिया तक यमुना नदी में जाल बिछाकर तलाश शुरू कर दी है। आसपास के गोताखोरों को भी मौके पर बुलाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि छह लोग लापता हैं। देर रात तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। थाना प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में नाव ओवरलोड होने जैसी बात सामने नहीं आई है। अंधेरा होने और संतुलन बिगड़ने के चलते हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। एसडीआरएफ टीम को भी सूचना दे दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शी परिजन धीरू ने बताया कि रिश्तेदार यमुना नदी के पार टापू पर तरबूज और खरबूजा खाने गए थे। वापस लौटते समय बीच नदी में नाव डूब गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण संतोष ने बताया कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि नाव में करीब 10 से 11 लोग सवार थे। नाव चला रहे व्यक्ति ने दो लोगों को बचा लिया, जबकि कई लोग नदी में लापता हो गए। घटना के बाद कुतुबपुर पटिया, मनकी और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। देर रात तक ग्रामीण नदी किनारे लापता लोगों के मिलने का इंतजार करते रहे।