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हमीरपुर: प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, बुलाने पर भी समय से नहीं पहुंचीं आशा कार्यकर्ता, पति बदहवास

Mon, 07 Dec 2020 10:29 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर के मौदहा में पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर पति ने आशा कार्यकर्ता के घर जाकर मदद मांगी, मगर वह नहीं आई। इसके बाद पति ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। इस बीच गर्भवती ने बच्चे को जन्म दिया। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस पायलट और ईएमटी ने जच्चा व बच्चा को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां नवजात की मौत हो गई।
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अधिक खून बहने से चिकित्सकों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर किया। मगर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने भी दम तोड़ दिया। जच्चा व बच्चा की मौत से पति बदहवाश है। उसने आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही का आरोप लगाया है। गहरौली खुर्द निवासी राममिलन ने लेवा गांव निवासी संगीता से दो साल पहले प्रेम विवाह किया था। वह मजदूरी करते हैं।
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उसके माता-पिता भी नहीं है। रविवार सुबह उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर वह गांव की आशा कार्यकर्ता को बुलाने गया, लेकिन वह नहीं आई। राममिलन के अनुसार प्रसव के बाद दोबारा बुलाने गया तो आशा ने उसे भगा दिया। लौटकर आया तो पत्नी को तड़पता देखकर रोने लगा। इसी बीच 108 एंबुलेंस को सूचना दी। दोपहर करीब एक बजे एंबुलेंस पहुंची।

पायलट बलराम व ईएमटी अनिल कुमार ने जच्चा व बच्चा को गंभीर हालत में सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। महिला को सदर अस्पताल रेफर किया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। पति ने गांव की आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार सचान ने बताया राममिलन आशा कार्यकर्ता से अभद्रता कर रहा था। इसीलिए वह नहीं गई। मामले की जांच के लिए एएनएम को गांव भेजा गया था। सीएमओ डॉ. आरके सचान ने बताया मामला गंभीर है। आशा की भूमिका की जांच कराई जाएगी। मौदहा कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला ने बताया उन्हें मामले की सूचना नहीं है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।    
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