मकान गिरते ही मच गई थी चीख पुकार
निशा ने बताया कि उसके पिता चारपाई पर लेटे थे और उन्हें भागने का मौका नहीं मिल पाया, जिससे वे मलबे में दब गए। मकान गिरते ही पूरे घर में चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर पड़ोसी और परिवार के अन्य लोग तुरंत दौड़ पड़े और आनन-फानन में जगदीश यादव को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्करा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।