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हैलट के तीन बंगले गिराए जाएंगे

Fri, 26 Feb 2016 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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हैलट कैंपस में जीटी रोड की तरफ बने तीन बंगले गिराए जाएंगे। इन बंगलों को गिराकर ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। बंगले गिराने का प्रस्ताव कमिश्नर को भेज दिया गया है।
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इनमें से बंगला नंबर एक में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार डॉ. नरेश चंद्र यादव रहते हैं। इधर, अवैध कब्जों को लेकर नोटिस जारी होने के बाद भी हैलट कैंपस में सब कुछ सामान्य है। कब्जा करने वालों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ऐसा नोटिस रुटीन में देता रहता है।

सब में कमी है इसलिए कार्रवाई का तो सवाल ही नहीं उठता है। हैलट में ट्रामा सेंटर बनना है। इसके लिए प्रिंसिपल ने बंगला नंबर एक, दो और तीन को गिराकर ट्रामा सेंटर का भवन बनाने का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजा है।
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बंगला नंबर एक में रिटायर्ड सीएमएस डॉ. नरेश चंद्र यादव, दो में रिटायर्ड डॉ. आरबी गौतम और तीन में प्रभारी इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) डॉ. आरएल महीप रहते हैं।

हैलट में सीबीसी जांच ठप
कानपुर। हैलट की पैथोलॉजी में कम्प्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) जांच दो दिन से ठप है। मरीजों को 31 रुपये की जांच अब बाहर से 200 रुपये में करानी पड़ रही है। हैलट की ओपीडी में आने वाले ज्यादातर मरीजों को डॉक्टर सीबीसी जांच कराने को कहते हैं।

सीबीसी में हीमोग्लोबीन, डब्ल्यूबीसी, आरबीसी, प्लेटलेट्स समेत 20 तरह की जांचें होती हैं। रीएजेंट्स (केमिकल) खत्म होने की वजह मरीजों की दो दिन से सीबीसी की जांच नहीं हो पा रही है।

पैथोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि बजट की समस्या है। फिर भी मरीजों के हित में उधारी पर रीजेंट्स मंगाए जा रहे हैं। शुक्रवार से सीबीसी जांच शुरू हो जाएगी।

एंटीबायोटिक इंजेक्शन भी खत्म
हैलट में एंटीबायोटिक और जीवनरक्षक इंजेक्शन भी खत्म हो गए हैं। स्थिति यह है कि जीवनरक्षक इंजेक्शन एट्रोपिन भी खत्म है। वार्डों में मरीजों को महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं। हैलट प्रशासन का कहना है कि शासन से बजट का आश्वासन मिला है। बजट मिलते ही सभी दवाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।

दवा न मिलने पर किया हंगामा
हैलट में दवाओं की कमी से मरीजों का आक्रोश बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को गैस की दवा न मिलने पर कुछ मरीजों और उनके तीमारदारों ने हंगामा भी किया। ओपीडी के दवा वितरण काउंटर पर मौजूद फार्मासिस्टों ने मरीजों को समस्या बताकर शांत कराया। बता दें कि बजट न होने के कारण हैलट में गैस, एंटीबायोटिक समेत कई दवाएं खत्म हो चुकी हैं।
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