उर्सला में जल्द शुरू होगी शहर की पहली डेंटल लैब
उर्सला में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस हो रही है, जिससे रोगियों को राहत मिली है। इसके अलावा यहां पर शहर की पहली डेंटल लैब शुरू होने वाली है, जिसमें बत्तीसी बनेगी। अभी तक इसके लिए रोगियों को केजीएमयू या एसजीपीजीआई रेफर किया जाता है। एक और उपलब्धि पिछले वर्ष उर्सला के नाम से जुड़ी। यहां एफेरेसिस मशीन आ गई है। इससे रोगियों को प्लेटलेट्स की कमी नहीं होगी। मशीन एक यूनिट ब्लड से दस यूनिट प्लेटलेट्स बनाती है।
घाटमपुर सीएचसी में संचालित है न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट
घाटमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट संचालित है, जिसका लाभ नवजातों को मिल रहा है। नवजात के पैदा होने पर सांस की समस्या, ज्वाइंडिस व बुखार आदि की समस्या होने पर उनका यूनिट में रखकर इलाज किया जाता है। चिकित्साधीक्षक डॉ. कैलाश चंद्र ने बताया कि यूनिट काफी समय से चल रही है। इससे बच्चे के माता पिता को कानपुर व स्थानीय अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
डिप्टी सीएम बोले, कानपुर में बढ़ीं स्वास्थ्य सुविधाएं
सीएसए आए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि कानपुर में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से बहुत बेहतर हुई हैं। पहले यहां के अस्पतालों की ओपीडी में मुश्किल से 500 रोगी पहुंचते थे। आज हर रोज पांच हजार से ज्यादा रोगी पहुंच रहे हैं। जिला अस्पतालों में 292 तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं। 14 तरह की जांचें मुफ्त में की जा रही हैं। हर पांच हजार की आबादी पर एक आरोग्य मंदिर की स्थापना की गई है। गर्भवती रोगियों के लिए सरकारी के अलावा कुछ चिह्नित निजी संस्थानों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में यूपी प्रदेश में नंबर एक पर है। आयुष्मान कार्ड धारकों को प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराकर सरकार की ओर से अब तक 9000 करोड़ का भुगतान निजी चिकित्सालयों को किया गया है।