कानपुर। सोमवार रात अचानक आए आंधी-तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पूरे शहर में दर्जनों फाल्ट होने से बिजली चली गई और तमाम पेड़ उखड़ने से रास्ते बंद हो गए। कई जगह पेड़ों के नीचे वाहन दब गए। 100 से 110 किलोमीटर की रफ्तार से आई आंधी से सैकड़ों होर्डिंग सड़कों पर गिरीं। शास्त्री नगर, विजय नगर, गोविंदनगर, शिवकटरा सहित कई सड़कों पर पानी भरने के साथ ही यातायात भी बाधित हो गया।
पांच लोग जख्मी हुए। रात करीब 10 बजे आए तूफान ने शहर को हिला कर रख दिया। जो लोग जहां थे, वहीं रुकने के लिए मजबूर हो गए। शास्त्री नगर में सीएल नर्सिंगहोम के सामने और रीजेंसी के पास पेड़ गिरने से कई कारें दब गईं। लाल इमली चौराहे पर पुलिस की डॉयल 100 पर पेड़ गिर गया।
जीटी रोड पर गुंजन सिनेमा, बाके बिहारी गेस्ट हाउस के पास, जरीबचौकी चौराहे के पास, निराला नगर रेलवे कालोनी के सामने, निराला नगर में पराग डेयरी के सामने पेड़, पीपीएम हास्पिटल के पास पेड़ की डाल टूटकर गिरी। दादानगर पुल के पास पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया। कई अन्य मोहल्लों में भी पेड़ और तमाम जगह होर्डिंग्स गिरीं। तेज बारिश की वजह से गोविंद नगर में चावला मार्केट, शिवकटरा मलिन बस्ती, नेताजी नगर, पीएसी रोड, शाहदुल्लापुर, शक्कर मिल खलवा आदि में पानी भर गया। वहीं हाल में नालियों से निकाली गई सिल्ट बारिश की वजह से सड़कों पर फैल गई।
आम की 20-25 फीसदी फसल बरबाद
डॉ. दुबे ने बताया कि भीषण आंधी-तूफान से आम की पैदावार को काफी नुकसान हुआ। इससे उत्पादन पर असर पडे़गा। 20 से 25 फीसदीफसल गिर कर खराब होने की संभावना है। देर रात मक्के की भी 20 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। फसल की बरबादी का सही आंकलन बारिश और आंधी रुकने के बाद पता चलेगा। मूंग और उरद की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
बारादेवी मंदिर का द्वार गिरा
तूफान में किदवई नगर में बारादेवी मंदिर का पुराना पश्चिम द्वार पेड़ के साथ भरभरा कर ढह गया। पुलिस का कहना है कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। बाबूपुरवा स्थित स्नेह ब्लड बैंक के पास खंभा उखड़ने से हाईटेंशन लाइन टूटकर सड़क पर आ गिरी। गोविंदनगर पांच ब्लाक निवासी नीरज आनंद के मकान की दीवार ढह गई, जिससे गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया है।