राजपुर क्षेत्र में बारिश के साथ गिरे ओले। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिले में गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ सुबह से ही बादलों व धूप की आवाजाही का सिलसिला चला। शाम को तेज बरसात के दौरान ओलावृष्टि भी हुई। इससे फसलों को नुकसान हुआ है। आलू और सरसों समेत अन्य फसलें प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जनपद में गुरुवार की सुबह मौसम साफ रहा और नौ बजे ही गुनगुनी धूप निकल आई जो दोपहर तक बनी हुई। करीब तीन बजे आसमान में बादल छाने लगे। तेज सर्द हवाएं चलने से गलन और ठिठुरन बढ़ गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया।
घने काले बादल छाए और अकबरपुर, रसूलाबाद, सिकंदरा, रनियां समेत अन्य जगहों पर बरसात शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हुई। बरसात के दौरान राजपुर क्षेत्र की बीहड़ पट्टी के कई गांवों में ओलावृष्टि भी हुई। करीब दस मिनट से अधिक देर तक ओले गिरते रहे।
बारिश के साथ ओलावृष्टि देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें झलकने लगीं। किसान अपने खेतों में तैयार फसलों को लेकर चिंतित दिखाई दिए। किसानों के अनुसार आलू, सरसों, गेहूं, जौ, दलहनी, बागानी व साग सब्जी की फसलें बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सरसों की फसल खेतों में गिर गई। बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाएं चलने से मौसम में गलन बढ़ गई। तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि सरसों, आलू समेत तकरीबन सभी फसलों के लिए नुकसानदायक है। ओलावृष्टि व अतिवृष्टि वाले इलाकों को चिह्नित कर नुकसान का टीम के माध्यम से सर्वे कराया जाएगा। - डॉ. उमेश कुमार गुप्ता (जिला कृषि अधिकारी)