बारिश और ओलावृष्टि से फसल नष्ट होने पर कानपुर के गौरानगर गांव में एक किसान ने पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। उधर, बिल्हौर में फसलों की बर्बादी से आहत किसान की हार्ट अटैक पड़ने से मौत हो गई।
गौरानगर निवासी सिपाहीलाल यादव ने बताया कि 26 जनवरी की रात बारिश और ओले गिरने से खेत में खड़ी लाही की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे दुखी छोटे भाई सुरजीत उर्फ सुरेंद्र (32) ने गांव के बाहर बबूल के पेड़ से फांसी लगा ली। सुरजीत के परिवार में पत्नी सीता, बेटियां ओमनी, सोनम, शालिनी व शानवी हैं। चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ कह सकेंगे। उधर बिल्हौर के ग्राम रौतापुर में किसान योगेंद्र मिश्रा (62) अपनी पत्नी बेबी, तीन बेटे अनुज, अतुल और लल्लू और पुत्री सम्मो के साथ रहते थे। पुत्र अनुज के मुताबिक ओलावृष्टि और आंधी से आलू की डेढ़ बीघा फसल नष्ट हो गई थी। इससे 27 जनवरी को खेत में ही उनको हार्ट अटैक पड़ गया। कानपुर कार्डियोलाजी में सोमवार को उनकी मौत हो गई। अनुज के मुताबिक बहन की बारात 10 फरवरी को आनी है। पिता ने साधन सहकारी बैंक से 10 हजार रुपये ऋण लेकर फसल बोई थी। आलू की अच्छी पैदावार की संभावना पर कोल्ड स्टोर मालिक से बहन की शादी के लिए 20 हजार रुपये का ऋण भी लिया था लेकिन फसल बर्बाद होने से सब तबाह हो गया।