इटावा। यदि रोज की तरह शुक्रवार रात भी सुनीता के साथ बच्चे सोए होते तो शायद उसकी हत्या करके खुद की जान ब्रजेश नहीं ले पाता। रोते हुए बच्चे सिर्फ यही कह रहे थे कि काश हम अलग न सोए होते।
बसरेहर थाना क्षेत्र के गांव लोकनाथपुर में शुक्रवार देर रात हुए हत्याकांड के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस को पता चला कि शुक्रवार को सीमा की शादीशुदा बहन उसके यहां आई थी। ऐसे में रोज की तरह ब्रजेश और सीमा बच्चों के साथ अपने कमरे में नहीं सोए थे। बच्चे मौसी के साथ सोए थे। रात करीब 10 बजे तक गौरी (17), ईशू (17), दीपांशु और उनकी मौसी सभी सो गए थे। इसके बाद किसी समय ब्रजेश ने सीमा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। बेटी गौरी ने बताया कि मां हमेशा सुबह चार बजे तक उठ जाती थीं। शनिवार सुबह जब वह उठी तो मां दिखी नहीं। इस पर उन्हें देखने गईं तो खून से लथपथ शव मिला। करीब 100 मीटर दूर पिता ब्रजेश का शव पड़ा था।
घंटों तलाश के बाद भी नहीं मिला हथियार
वारदात की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हत्या में उपयोग किए गए हथियार की तलाश की, लेकिन वह घर में कहीं नहीं मिला। पुलिस ने घर में बनी अलमारी, भूसे के ढेर आदि में तलाश पर कुछ पता नहीं चला। इस पर पुलिस की टीम ने जिस खेत के पास ब्रजेश का शव मिला था वहां भी पुलिस ने घंटों हथियार की तलाश की, लेकिन रात तक कुछ पता नहीं चल सका था।
पुलिस ने घर से गांजा किया बरामद
ब्रजेश गांजा पीने का लती था। वह दिन में कई-कई बार गांजे की चिलम पीता था। इसे लेकर ही घर में झगड़ा रहता था। पत्नी, बच्चाें और माता-पिता के समझाने पर भी वह नहीं मानता था। पुलिस की जांच में शनिवार को ब्रजेश के घर के गांजे की पुड़िया मिली हैं। एसएसपी ने बताया कि ब्रजेश गांजा पीता था। इसलिए वह घर में भी कुछ पुड़िया रखे हुए था।