कानपुर देहात। जिले में कई क्षेत्र में बिना पंजीकरण के ही जिम और तरणताल संचालित हैं। करीब-करीब हर नगरीय क्षेत्र में जिम चल रहे हैं। जिम व तरणताल (स्वीमिंग पूल) में हादसे का खतरा बना रहता है। यहां जीवन रक्षक की तैनाती अनिवार्य है। इसके अलावा जिम में प्रशिक्षित प्रशिक्षक होना जरूरी है।
गर्मी में युवा, बच्चे और युवतियां तरणताल में तैराकी सीखने जाते हैं। माती स्पोटर्स स्टेडियम में तरणताल है लेकिन इस साल अभी यह शुरू नहीं हो सका है। इधर अकबरपुर में निजी क्षेत्र का एक तरणताल है। यहां 50 रुपये घंटे शुल्क पर लोग तैराकी के लिए आते हैं। बीते साल यह तरणताल शुरू हुआ था। वहीं, पुखरायां क्षेत्र में भी बीते दिनों एक तरणताल खुला है। इसी प्रकार मंगलपुर के हवासपुर में भी तरणताल का संचालन हो रहा है। बिना पंजीकरण के सभी तरणताल चल रहे हैं। तरणताल संचालन के लिए लाइफ सेवर रखना जरूरी है। गनीमत है कि अब तक कोई हादसा नहीं हुआ है।
इसके साथ ही अकबरपुर, झींझक, रूरा, सिकंदरा व पुखरायां आदि नगरीय क्षेत्र में बिना पंजीयन के इधर लगभग हर नगर में एक या दो जिम चल रहे हैं। संचालक प्रति व्यक्ति पांच सौ रुपये से एक हजार रुपये तक शुल्क लेते हैं। बावजूद पंजीकरण की जरूरत संचालक नहीं समझ रहे है। जिम में भी योग्य प्रशिक्षक न होने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आने की आशंका रहती है। नियम की बात करें तो खेल साथी पोर्टल पर जिम व तरणताल का पंजीयन जरूरी है।
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बयान
जिले में निजी जिम या तरणताल पंजीकरण खेल साथी पोर्टल पर कराने के निर्देश मिले हैं। माती स्टेडियम का पंजीकरण पोर्टल पर है। वार्षिक शुल्क 15000 रुपये जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति में जमा कराकर पंजीयन कराया जा सकता है। पंजीयन नहीं कराने वाले जिम व तरणताल संचालकों को नोटिस देकर आगे की कार्यवाही की जाएगी। - नीलम सिद्दीकी, जिला क्रीड़ाधिकारी।