डाकू बबुली कोल के नाम पर पुलिस वनवासियों को परेशान कर रही है। इसके विरोध में चित्रकूट के पाठा इलाके के कोल आदिवासी समाज की महिलाओं ने गुलाबी गैंग कमांडर के साथ एसडीएम कार्यालय के पास हाथ में थाली लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। आरोप लगाया है कि डाकुओं से पुलिस की मुठभेड़ के बाद से पुलिस वनवासियों को परेशान कर रही है।
पुलिस के कारण परिवार के सदस्य घर से नहीं निकल पा रहे हैं। इससे रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने मुठभेड़ में शहीद दरोगा के नाम पर पाठा में अस्पताल खुलवाने की भी मांग की।
गुरुवार को गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल के नेतृत्व में कोल समाज की महिलाएं एसडीएम कार्यालय के सामने पहुंची। कमांडर ने कहा कि डाकुओं के नाम पर निर्दोषों का हो रहा उत्पीड़न बंद कराया जाए।
डकैतों के नाम हुई गिरफ्तारी की न्यायिक जांच कराई जाए। डकैतों और जनप्रतिनिधियों के संबंधों की जांच की जाए। घरों की जबरन तलाशी न ली जाए। शहीद दरोगा जयप्रकाश सिंह के नाम पर पाठा में अस्पताल खोला जाए।
क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जांच उच्चस्तरीय अधिकारियों से कराई जाए। स्कूल कॉलेज खोले जाएं। हीरामनी, मुन्नीबाई, कंसी, ममता, बौरी, चंदा, सरमनिया, बाबी, कुंता, श्यामा देवी, चुनकी, रानी, बिट्टी, बेला, चुनकी, रनिया भी शामिल रहीं।
-गुलाबी गैंग की महिलाओं का प्रदर्शन
-शहीद दरोगा के नाम पर अस्पताल खुलवाने की मांग