इस दौरान रूट में आने वाली 15 रेलवे क्रॉसिंग समाप्त हो जाएंगी। एलिवेटेड ट्रैक निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को आई टीम ने अनवरगंज से गुरुदेव क्राॅसिंग तक निरीक्षण कर जमीन की जरूरत का आकलन किया। यहां तक के ट्रैक निर्माण में अनवरगंज से गुमटी तक सबसे अधिक जमीन 2.25 से 2.69 मीटर की जरूरत पड़ रही है।
इन जगहों का चिह्नांकन किया गया
इसी तरह गुमटी से लेकर सेवायोजन क्रॉसिंग तक डेढ़ तो कहीं सवा मीटर भूमि की आवश्यकता पड़ेगी। गोल चौराहे से रावतपुर तक एक से सवा दो मीटर तक जगह की जरूरत होगी। गुरुदेव तक डेढ़ से दो मीटर तक जगह की आवश्यकता पड़ेगी। रावतपुर से गीतानगर के बीच दो से सवा दो मीटर की भूमि की जरूरत पड़ रही है। इन जगहों का चिह्नांकन किया गया है।
निरीक्षण के दौरान लेखपालों ने भूमि का जायजा लिया
रेलवे की ओर से कुछ अन्य जगहों पर निशान भी लगाए गए। शनिवार को गुरुदेव क्रॉसिंग से मंधना तक स्थलीय निरीक्षण होगा। स्थलीय निरीक्षण के दौरान लेखपालों ने भूमि का जायजा लिया। रेलवे के अधिकारियों के साथ ही लेखपाल देवेंद्र बाजपेई, बृजेंद्र सिंह और कौशल किशोर मौजूद रहे। यह आकलन के बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को देंगे।
पार्सल नंबर में बांटा ट्रैक
स्थलीय निरीक्षण से पूर्व रेलवे के विशेषज्ञों ने निर्धारित रूट को 25 ब्लॉक (पार्सल) में बांटा है। इन ब्लॉक में रेलवे की भूमि, निजी, संस्थागत, सरकारी भूमि, दूसरे विभाग की जगह शामिल हैं। इन जगहों का उपयोग रेलवे के बनने वाले ट्रैक के निर्माण में किया जा सकता है। इन ब्लॉक में चिह्नित हुई भूमि का राजस्व विभाग गाटा संख्या के आधार पर आकलन कर रहा है।
यह ब्लॉक हुए तय
ब्लॉक एक अनवरगंज, ब्लॉक दो जरीब चौकी, ब्लॉक तीन दर्शनपुरवा, ब्लॉक चार व पांच सर्वोदयनगर, ब्लॉक छह रावतपुर, ब्लॉक सात और आठ गीतानगर, ब्लॉक नौ गुरुदेव, ब्लॉक 10 विनायकपुर, ब्लॉक 11 विश्वविद्यालय, ब्लॉक 12 और 13 बगिया क्रॉसिंग, ब्लॉक 14 एसपीएम हॉस्पिटल, ब्लॉक 15, 16, 17, 20 और 21 कल्याणपुर, ब्लॉक 18 और 19 कल्याणपुर कला, ब्लॉक 22 और 23 आईआईटी, ब्लॉक 24 सरकारी भूमि, ब्लॉक 25 मंधना।