कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का उच्चीकरण किया जाएगा। यहां रोगी हित में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने मेडिकल कॉलेज से उच्चीकरण करने के लिए प्रस्ताव मांगा है। यहां लखनऊ के एसजीपीजीआई और आरएमएल अस्पताल जैसी सुविधाएं होंगी और कॉलेज में बेड, मैनपॉवर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक चिकित्सा उपकरण के साथ ही बजट भी 10 गुना बढ़ जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से छह मेडिकल कॉलेज को उच्चीकृत करने की बात कही गई है। इनमें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज भी है। सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार कराया है। यहां आधुनिक उपकरण आएंगे। बजट बढ़ेगा। इसके अलावा कॉलेज के लिए स्किल लैब की मांग भी करेंगे क्योंकि जब छात्रों की पढ़ाई अच्छी लैब में प्रैक्टिकल के साथ होगी तभी वे अच्छे डॉक्टर बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव आते ही शासन को भेजे जाएंगे।
बता दें कि अभी मेडिकल कॉलेज में उपकरणों के लिए 15 करोड़ का बजट है जबकि राम मनोहर लोहिया अस्पताल को 300 करोड़ रुपये मिलते है। इसी तरह ट्रामा सेंटर के लिए यहां कोई बजट अलग से नहीं मिलता और एसजीपीजीआई को 80-90 करोड़ रुपये का बजट मिलता है।
इसलिए बढ़ रहीं सुविधाएं सूत्रों ने बताया कि इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अरविंद गुप्ता की शिकायत कंज्यूमर फोरम में किसी ने की कि वे सरकारी पद पर होकर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। मामले में उन पर जुर्माना हुआ तो वे हाईकोर्ट चले गए और वहां बताया कि मेडिकल कॉलेज में रोगियों का इलाज कैसे करें, वहां पर सुविधाएं ही नहीं हैं। कोर्ट के आदेश पर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कराया गया और अव्यवस्थाएं मिलने पर छह और पुराने मेडिकल कॉलेजों में निरीक्षण हुआ। इसके बाद शासन ने कोर्ट में कहा कि इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज को इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा। इसके बाद शासन ने कानपुर, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, आगरा के मेडिकल कॉलेजों को भी उच्चीकृत करने की तैयारी शुरू कर दी। मामले में कोर्ट ने शासन से कहा है कि सभी छह मेडिकल कॉलेजों से रोगी हित में सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मंगवाएं और उस पर आगे कार्य किया जाए।