कानपुर की भारतीय जनता पार्टी जीएसटी काउंसिल की ओर से टैक्स दरों में की गई अभूतपूर्व कमी को भुनाने की रणनीति बना रही है। निकाय चुनाव से पूर्व इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए रंगरूटों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पार्टी के व्यापार संगठन से जुड़े लोग इस काम को अंजाम तक पहुंचाएंगे। दिशा दिखाने की कमान संघ ने संभाली है।
जीएसटी पोर्टल की खामियों और प्रावधानों की पेचीदगियों की वजह से इस समय पार्टी की किरकरी हो रही है। निकाय चुनाव में इसका असर दिखने की आशंका भी जताई जा रही है। नोटबंदी के असर की वजह से पार्टी विधानसभा चुनाव में शहर में व्यापारियों के गढ़ वाली आर्यनगर सीट पहले ही गंवा चुकी है। अब महापौर चुनाव में जीएसटी से पैदा हुई परेशानियां पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर रही हैं। ऐसे माहौल में जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को हुई बैठक में लिए गए फैसले पार्टी के लिए राहत भरे हैं।