जीएसटी डे पर ज्वाइंट कमिश्नर (जीएसटी और सेंट्रल एक्साइज) कानपुर विवेक कुमार जैन ने मातहत अफसरों और कर्मचारियों को जमकर नसीहतें दी हैं। कहा, इंजीनियरिंग करने वाले तमाम युवाओं को 15 हजार तक की नौकरी नहीं मिल रही है, वहीं विभाग अच्छी खासी सैलरी दे रहा है। विभाग के नाम से ही पहचान है। यदि विभाग नहीं रहा तो उनका नाम भी नहीं रहेगा। वे जो 30 वर्ष की नौकरी की बातें कर रहे हैं, वे आने वाले समय के अनुसार काम करने का तरीका सीख लें। ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी डे पर रविवार को सर्वोदय नगर स्थित एक्साइज कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने पूर्व में घटित घटना (संसार चंद घूस कांड) का बिना नाम लिए कहा कि विभाग में आज भी ऐसे तमाम लोग हैं जो अपने काम से ज्यादा दूसरों के काम में दखल दे रहे हैं। छोटी-छोटी शिकायतें कर रहे हैं। ऐसे लोगों को अपनी व्यक्तिगत शिकायतें घरों में रखकर आना चाहिए। जीएसटी लागू हुए एक साल हो गए हैं। जीएसटी में सभी काम आनलाइन या तकनीक आधारित हैं। इसके साथ जो काम नहीं कर पाएगा, उसके लिए आने वाला समय चुनौतियों से भरा होगा। इससे पहले असिस्टेंट कमिश्नर पंकज मीणा ने जीएसटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बाद में उद्यमियों-व्यापारियों को केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई जीएसटी पर 10 मिनट की लघु फिल्म दिखाई गई। इस मौके पर उप आयुक्त चंचल तिवारी, सहायक आयुक्त राम कुमार के अलावा आईआईए कानपुर चैप्टर के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल के अलावा मनमोहन राजपाल, राघवेंद्र सेठ, गौरव जैन आदि तमाम उद्यमी मौजूद रहे।
सकते में उद्यमी-अफसर व कर्मचारी
विभाग में आयोजित कार्यक्रम का मौका तो जीएसटी डे का था। ज्वाइंट कमिश्नर जब अफसरों और कर्मचारियों को नसीहत देने लगे तो उन्हें समझ नहीं आया कि इस मौके पर ऐसी बातें क्यों उठीं। उद्यमी कार्यक्रम के समापन बाद तरह-तरह की बातें करते रहे।
उद्यमियों ने बताई समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल ने अफसरों को बताया कि विभाग अभी भी पूरी तरह से जीएसटी लागू नहीं कर पाया है। उद्यमियों के रिफंड नहीं मिल पा रहे हैं। विभाग की वेबसाइट भी सही ढंग से काम नहीं कर रही है। अफसर सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। बताया कि एचएसएन कोड गलत भरने पर 10 हजार का जुर्माना लगाया जा रहा है। वहीं, असिस्टेंट कमिश्नर आदित्य कुमार ने कहा कि पेनाल्टी संबंधित को सुनने के बाद ही लगाई जाएगी। वहीं, कारोबारी शिवकुमार गुप्ता ने कहा कि कानपुर में जीएसटी केंद्र खोलने की बात कही गई थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अफसरों को दिया प्रशस्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान विभाग में अच्छा काम करने वाले अफसरों एनके सिंह, ज्योति रानी, कामेश बाजपेई, सुशील कुमार, रवि शंकर पांडेय, कैलाश चंद्र, संतोष कुमार, राम शरण, केके त्रिपाठी, आदित्य कुमार, राम किशोर को प्रशस्ति पत्र दिया गया।