बरौनी ग्वालियर मेल से 28 बच्चों को बांदा ले जा रहे मौलवी को जीआरपी ने ट्रेन से उतारा। मौलवी ने बताया कि वह बच्चों को पढ़ाने के लिए ले जा रहा था। बच्चों से बात पर पता चला कि वह कानपुर में पढ़ाने की बात कहकर घर से लाया था। जीआरपी ने परिजनों से संपर्क करने के साथ ही बच्चाें व मौलवी को चाइल्डलाइन को सौंपा है।
परिजनों के आने के बाद ही हकीकत सामने आएगी। बिहार प्रांत के थाना अकरिया के गांव बिसरवां मोहलगांव निवासी मो. जाहिद पुत्र हफीम मौलवी है। सोमवार को वह गांव के ही 28 बच्चों को दोपहर 2 बजे ग्वालियर-बरौनी मेल के एस 9 डिब्बे में बिठाकर बांदा ले जा रहा था। गाड़ी में बैठे यात्रियों को शक होने पर उन्होंने कंट्रोलरूम को सूचना दी।