कानपुर के ग्रीनपार्क में पवेलियनों के बनने से फ्लड लाइटों की रोशनी मैदान पर कम पहुंचती है। इस कारण पूर्व में आईपीएल मैच भी छिनते-छिनते बचे थे। तब पवेलियन के शेड के अंदर 16 लाइटें लगाकर किसी तरह आईपीएल मैच कराए गए थे। इसके बाद 2018 में यूपीसीए ने फ्लड लाइटों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव खेल विभाग को भेजा था पर आज भी वह ठंडे बस्ते में पड़ा है।
ग्रीनपार्क स्टेडियम में डायरेक्ट्रेट पवेलियन और वीवीआईपी पवेलियन का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में पूरा हुआ, इसके बाद वर्ष 2015 में भारत बनाम साउथ अफ्रीका के मध्य वनडे मैच खेला गया। इसके बाद वर्ष 2016 और 2017 में पहली बार ग्रीनपार्क में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच खेले गए। इन मैचों के डे-नाइट होने से ग्रीनपार्क में लगी फ्लड लाइट का पर्याप्त रूप से रोशनी न देने का मुद्दा उठा। इसको लेकर यूपीसीए और खेल विभाग के बीच जमकर विवाद भी हुआ था।