कानपुर देहात। जनपद में चल रहीं सीएनजी बसों के बंद होने के बाद यात्री परेशान थे। इसपर परिवहन निगम ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत की। कुछ समय बाद ही इन बसों का संचालन बंद हो गया। हालांकि एक रूट पर दो बसें संचालित हैं जबकि अन्य मार्गों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज बसों के 20 फीसदी कम किराये पर फजलगंज से रनियां-अकबरपुर-रूरा के 52 किलोमीटर दायरे में दो बसों को संचालित किया जा रहा है। वहीं, फजलगंज डिपो से राजपुर-गजनेर-मूसानगर के 52 किलोमीटर के बीच चलने वाली दो बस व विकास नगर डिपो से रसूलाबाद में लखोटिया के 98 किलोमीटर के बीच चलने वाली दो बसें बंद चल रही हैं। इसके अलावा दो बसें रावतपुर-कल्याणपुर-बैरी-मैथा-शिवली-रूरा-अकबरपुर होते हुए माती के 97 किलोमीटर के बीच बसें चलना बंद हो गई हैं। इससे इन मार्गों पर चलने वाले करीब 7000 से अधिक दैनिक यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन बसों के बंद होने का फायदा उठाकर डग्गामार वाहन के चालक अधिक किराया वसूलते हैं। उस पर भी लोगों को जगह-जगह वाहन बदलने पड़ते हैं। इधर जिम्मेदारों का कहना है कि गोगूमऊ में रेलवे पुल के निर्माण कार्य के चलते संचालन बाधित है। पुल बनते ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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व्यापारी व छात्रों के सामने बढ़ी समस्या
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा बंद होने से आमजन के साथ व्यापारियों व छात्रों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। कई छात्र पढ़ाई करने के लिए कानपुर जाते हैं जो काफी हद तक इन बसों पर निर्भर थे। यह बसों से कम किराया खर्च कर समय से कॉलेज पहुंच जाते थे। वहीं व्यापारियों का भी कानपुर आना-जाना लगा रहता था। बसों के बंद होने से उनका व्यापार बाधित हो रहा है। अब लोगों के पास विकल्प के रूप में ऑटो, डग्गामार मैजिक ही बचे हैं।
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बस बंद होने से हो रही समस्या, करना पड़ता घंटों इंतजार
जनता बस सेवा बंद होने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह बसें दिन में चार चक्कर लगाते हुए प्रति बस प्रति चक्कर 45 से 50 लोगों को कानपुर पहुंचाती और वापस लाती रही हैं। लोगों का कहना है कि अब घंटों इंतजार के बाद भी साधन नहीं मिलता। ऑटो व डग्गामार चालक सवारी को बाहर तक लटका कर बैठा लेते हैं। ऐसे में दुर्घटना होने का डर बना रहता है। पहले मूसानगर व अन्य स्थानों से कानपुर के लिए सीधे बस मिलती थी। वहीं अब जगह-जगह साधन को बदलते हुए कानपुर तक पहुंचना होता है। इसमें बहुत अधिक समय लगने के साथ दोगुना अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा है।
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अब ऑटो व डग्गामार वाहन से कर रहे सफर
कारोबार के सिलसिले में व्यापारियों का कानपुर आना-जाना होता है। ग्रामीण बस सेवा शुरू होने से सभी को सहूलियत हुई थी। बस से सुबह जाकर शाम तक वापसी हो जाती रही है लेकिन अब ऑटो व डग्गामार वाहन से सफर करना पड़ता है। इसके अलावा सामग्री के लिए अलग से लोडर आदि को बुक करना पड़ता है। - राजकुमार गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष, सरवनखेड़ा
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गोगूमऊ में पुल बनने की बात कहकर निगम ने बसों का संचालन बंद कर दिया है। इन बसों को रनियां से होते हुए मूसानगर के बीच चलाया जा सकता है। बसों के बंद होने से अधिक किराया खर्च होने के साथ जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारी बैठा लेते हैं। - नारायण मिश्रा, गजनेर
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बयान.....
मूसानगर मार्ग पर गोगूमऊ में रेलवे पुल के निर्माण का कार्य चलने की वजह से बसों का संचालन बंद करना पड़ा है। निर्माण कार्य पूरा होते ही बसों का संचालन दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा। रावतपुर से लखोटिया मार्ग पर बसें संचालित हो रही हैं। अगर किसी बस में तकनीकी खामी आने से बंद होती है, तो उसे दूर कर मार्ग पर चलाया जाता है। इसके अलावा रूरा, अकबरपुर से फजलगंज के बीच दो बसें संचालित हो रही हैं। - मोहम्मद अशफाक, एआरएम, माती डिपो