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जब एक शिक्षक के रूप में नजर आए राज्यपाल, बताई कुछ अहम बातें

Sun, 10 Dec 2017 07:38 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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चित्रगुप्त इंटर कालेज के वार्षिकोत्सव में राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर के राठ में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक रविवार को एक शिक्षक के रूप में नजर आए। अपने संबोधन में राज्यपाल ने प्राथमिक शिक्षा से लेकर व्यवहारिक शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। साथ ही विपरीत परिस्थितियों में भी जूझते रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि ‘जो बैठा है उसका भविष्य बैठ गया, जो सो गया उसका भविष्य सो गया। जो जाग रहा है उसका भविष्य जाग गया और जो चल रहा है उसके साथ उसका भविष्य चल रहा है’। इसलिए हमें न तो बैठना है, न सोना है बल्कि भविष्य के लिए चलते ही रहना है। 
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कस्बे के चित्रगुप्त इंटर कालेज में आयोजित वार्षिकोत्सव में राज्यपाल ने कहा कि वह ऐसी नगरी में आए हैं जो शिक्षा का प्रतीक है। मनुष्य के पास विद्या है, शिक्षा है तो वह मनुष्य है। अगर मनुष्य के पास विद्या, शिक्षा नहीं है तो वह पशु के समान है। शिक्षा किताबी नहीं बल्कि सर्वांगीण विकास की होनी चाहिए। जैसे मूर्ति बनाने के लिए शिल्पकार होता है वैसे ही टीचर शिक्षा बनाने का प्रतीक होता है। जो हमेशा मुस्कराता है और सबका प्रिय होता है। जो अच्छा काम करता है उसको सबका सहयोग मिलता है। आपने अच्छा काम किया, जिससे वह आगे बढ़ता है। उसे दुश्मनों से बचना चाहिए। राज्यपाल ने कहा वह प्रदेश के 29 विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हैं।


राज्यपाल ने कहा कि कई विश्वविद्यालय तो ऐसे हैं जहां छात्र पढ़ते तो हैं लेकिन दीक्षांत समारोह नहीं हुए। लखनऊ विश्वविद्यालय को 97 साल पूरे हुए। इसका मतलब कई साल तो ऐसे रहे कि दीक्षांत समारोह हुए तक नहीं। कई विश्वविद्यालयों में तो 15 साल से दीक्षांत समारोह तक नहीं हुए हैं। आगरा के अंबेडकर विश्वविद्यालय का नाम लेते हुए कहा कि बीएड परीक्षा का एक साल हो गया लेकिन परिणाम नहीं आया। एक दृष्टि से उप्र शिक्षा की दृष्टि से कई जगह पर जैसा होना चाहिए था वैसा नहीं हुआ।
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नकलविहीन परीक्षा संपन्न न कराने को लेकर राज्यपाल ने कहा कि एक विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार की जांच कराकर निकाल दिया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। 2020 में दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश भारत बनेगा। इसके पहले चित्रगुप्त इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा.सत्यनारायन सिंह परिहार ने राज्यपाल को स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया। इसके पहले भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री लोकसेवक राजेश सिंह, एसोसिऐट डायरेक्टर सीएसए विश्वविद्यालय कानपुर डा.हरेश प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया।  
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