कानपुर देहात। जिला अस्पताल महिला के पुराने भवन में आरटीपीसीआर लैब खोलने के लिए शासन ने पूर्व के प्रस्ताव को नामंजूर करते हुए संशोधित प्रस्ताव मांगा है। इसके लिए सीएमओ के पास नक्शा भेजा गया है। तय मानकों के आधार ही लैब खुल सकेगी। वहीं सीएमओ ने निर्धारित मानकों के अनुसार फिर से महिला अस्पताल के पुराने भवन में ही जगह चिह्नित की है।
जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए अभी तक कोई सुविधा नहीं थी। जिला अस्पताल अकबरपुर में कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगी है। जिससे एक दिन में बमुश्किल आठ से दस जांचें हो पातीं हैं। जबकि जिले में प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक सैंपल लिए जाते हैं। अधिकतर जांच एंटीजन किट से जांच होती है।
आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल कानपुर और लखनऊ भेजे जाते थे। समस्या को देखते हुए तीन माह पहले डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीपीसीआर लैब खोलने का प्रस्ताव शासन में भेजा था। बीती 12 जुलाई को शासन ने कानपुर देहात समेत प्रदेश के 30 जिलों में आरटीपीसीआर लैब खोलने की स्वीकृति दे दी। विभागीय अभियंत्रण इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने जिला महिला चिकित्सालय के लेबर रूम भवन को आरटीपीसीआर लैब के लिए चिह्नित किया था। जिसे शासन में भेजा गया, लेकिन लैब खोलने के मानक पूरे न होने पर प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया। शासन ने आरटीपीसीआर लैब के लिए निर्धारित नक्शा भेजकर जगह चिह्नित करने के निर्देश दिए। जिस पर सीएमओ ने निर्धारित मानकों के अनुसार फिर से महिला अस्पताल के पुराने भवन में ही जगह चिह्नित की है।
आरटीपीसीआर लैब खोलने के लिए पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को शासन से वापस कर दिया है। निर्धारित नक्शे के अनुसार जगह चिह्नित करने के निर्देश मिले थे। जिस पर जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन को लैब के लिए उपयुक्त पाया गया है। संशोधित प्रस्ताव बनवाया गया है। जिसे शासन में भेजा जाएगा।
- डॉ. अरुण कुमार सिंह (सीएमओ)
पुराने भवन का होगा नवीनीकरण
कानपुर देहात। शासन से आरटीपीसीआर लैब खोलने के लिए कुल 1200 स्क्वायर फीट का स्थान मांगा गया है। जिसमें इमरजेंसी दरवाजा, इमरजेंसी शॉवर आई वाश, माइक्रोस्कोपी कक्ष, जांच टेबल कक्ष, कलेक्शन कक्ष आदि बनाए जाएंगे। पुराने भवन का नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे लैब संचालित होने के बाद किसी तरह की समस्या न हो।