सीएमओ डॉ. अनीता सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कानपुर देहात के अस्पतालों में हड़ताल
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‘लेडी दबंग’ सीएमओ के खिलाफ डॉक्टरों का ऐसा गुस्सा फूटा है कि अब जनता भी त्रस्त हो गई है। सीएमओ डॉ. अनीता सिंह को सस्पेंड कराने की मांग को लेकर अब सारी स्वास्थ्य चिकित्सा सेवायें ठप कर दी गई हैं। मामला कानपुर देहात जिले का है। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी ठप होने से कानपुर देहात के सभी सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को सन्नाटा पसर गया है। स्वास्थ्य केंद्रों में मरीज सुबह से पहुंचने लगे लेकिन ताला लगा होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी के स्थानांतरण की मांग पर अड़े डिप्टी सीएमओ और स्वास्थ्य कर्मियों के समर्थन में पीएमएस संघ ने भी समर्थन दे दिया है। जिसकी वजह से मंगलवार को कानपुर देहात के सभी स्वास्थ्य केंद्रों जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गईं। वहीं 22 दिसंबर तक निर्णय न होने पर जिलेभर के सरकारी अस्पतालों की आकस्मिक व पोस्टमार्टम सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। सीएमओ कार्यालय में तैनात डिप्टी सीएमओ व कार्यालय कर्मी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनीता सिंह पर उत्पीड़न व प्रताड़ना का आरोप लगा 13 दिसंबर से काम-काज ठप कर कार्य बहिष्कार व धरना दे रहे हैं। अकबरपुर सीएचसी में पीएमएस (प्रोविंसियल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन) की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में डिप्टी सीएमओ डा. अशोक कुमार, डा. एपी वर्मा, डा. महेंद्र जतारया सहित सभी चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने सीएमओ डा. अनीता सिंह के दुर्व्यवहार व उत्पीड़न की घोर निंदा की। 22 दिसंबर तक प्रकरण का निस्तारण नहीं किया गया, तो 23 दिसंबर से जिलेभर की सभी आकस्मिक, पोस्टमार्टम सेवाएं बंद कर दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी।मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव, महानिदेशक, आयुक्त, जिलाधिकारी, एसपी को अवगत कराया गया है। वहीं सोमवार को डिप्टी सीएमओ सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने अकबरपुर सीएचसी में धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। शिवली सीएचसी व मैथा पीएचसी अस्पताल के ताले नहीं खुले। मैथा ब्लाक के न्यू पीएचसी, औनहां, मैथा स्टेशन, रंजीतपुर के अस्पतालों का भी यही हाल रहा।