उपहारों में ये सामान होता है शामिल
इनमें कपड़े, चांदी की बिछिया और पायल, डिनरसेट, कंबल, दीवार घड़ी आदि शामिल रहती हैं। इन वस्तुओं की आपूर्ति के लिए टेंडर किया जाता है। समाज कल्याण विभाग की ओर से टेंडर की प्रकिया 20 दिन पहले पूरी कर ली गई थी। गायत्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को आपूर्ति का टेंडर मिला था। इसके प्रोपराइटर हाथरस निवासी प्रदीप कुमार गोयल हैं।
13 नवंबर की शाम आपूर्ति हुई थी
आमतौर पर उपहार में दी जाने वाली आपूर्ति आयोजन के तीन दिन पहले पहुंचाने के निर्देश होते हैं। सामग्री आने पर इसका सत्यापन नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व वाली टीम करती है। हरदोई में हुए कार्यक्रम के लिए 11 नवंबर तक उपहारों की आपूर्ति होनी थी, लेकिन बुधवार यानी 13 नवंबर की शाम आपूर्ति हुई। इससे भी गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई थी।
हर सामान में निकली गड़बड़ी
इस पर जब डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने सत्यापन कराने के लिए नगर मजिस्ट्रेट एसके त्रिवेदी के नेतृत्व वाली कमेटी को भेजा तो बड़ा खेल सामने आया। साढ़े पांच मीटर की लंबाई वाली साड़ी का सैंपल दिखाया गया था, लेकिन जो आपूर्ति हुई उसकी लंबाई साढ़े चार मीटर ही निकली। स्टील के डिनरसेट का वजन आठ किलो होना चाहिए था, लेकिन यह साढ़े पांच किलो ही निकला।
टेंडर करते समय सैंपल देखा गया था। जो वस्तुएं सैंपल में दिखाई गई थीं उनकी आपूर्ति न कर मानकविहीन सामग्री भेज दी गई। सामग्री भेजने की निर्धारित समय सीमा का पालन भी नहीं किया गया है। गायत्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को काली सूची में डालने की संस्तुति की है। इसके प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गोयल के खिलाफ एफआईआर के आदेश भी दिए गएहैं। -एमपी सिंह, डीएम
10 दिन के अंदर नवविवाहितों के यहां पहुंचेंगे उपहार
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि सभी नवविवाहितों के घरों पर उपहार पहुंचाए जाएंगे। अगले 10 दिन के अंदर उपहार पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। किसी भी नवविवाहित जोड़े को परेशान होने की जरूरत नहीं है और न ही किसी कार्यालय का चक्कर काटने की आवश्यकता है।