नौ जुलाई को बेटे को डिस्चार्ज कराया
सात जुलाई को कांशीराम अस्पताल के डॉक्टर ने बेटे का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद जब बेटे के हाथ के अलावा पेट में भी चीरा लगा था। उन्होंने डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने कुछ भी नहीं बताया। नौ जुलाई को बेटे को डिस्चार्ज कराया। दो-तीन बेटे के पेट में दर्द और उल्टियां होने लगीं।
हैलट में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई
14 जुलाई को वह फिर बेटे को कांशीराम अस्पताल में ले गईं। डॉक्टरों ने दवा देकर घर भेज दिया पर अनुज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 15 जुलाई को बेटे को हैलट में भर्ती कराया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। आरोप है कि उन्होंने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर से संपर्क किया, तो उन्होंने गालीगलौज की।