गोवर्धन ने 1942 में अंग्रेजों से लिया था लोहा
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोवर्धन लाल कनौजिया का 30 अक्तूबर 1913 को तिर्वा कस्बे में जन्म हुआ था। 1942 में तमोली मंदिर पर उनके नेतृत्व में क्रांतिवीर अंग्रेजों पर हमले की योजना बना रहे थे। अंग्रेजों की सेना ने सभास्थल पर हमला कर दिया था।
गोवर्धन लाल कनौजिया ने चौराहा पर दरोगा को घेर कर घायल कर दिया था। आज यह जगह क्रांति चौराहा के नाम से जानी जाती है। इस घटना के बाद उन्हें अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर 14 माह की काला पानी की सजा दी थी। 31 दिसंबर 2020 को आजादी के पुरोधा गोवर्धन लाल कनौजिया ने अंतिम सांस ली थी।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम से जानी जाएंगी यूपी रोडवेज की बसें
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत अब रोडवेज बसों का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम से करने की तैयारी है। इसके लिए जिला प्रशासन से जिले के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम भी मंगवा लिए हैं। देेश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे में जिले के वीर सपूतों की वीरगाथा जन-जन तक पहुंचाने की मंशा से रोडवेज बसें चलाई जाएंगी। इस कार्य से नई पीढ़ी तक जिले के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी पहुंचेगी।