कानपुर में मुंबई से रविवार को सेंट्रल पहुंचा एक यात्री अपने घर रायबरेली जाने के बजाय सामान लादे कोरोना की जांच कराने सीधे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) पहुंच गया। उसका कहना था कि जांच में संक्रमित मिलने पर, घर जाकर दूसरों को भी संक्रमित करने के बजाय वह यहीं भर्ती होकर इलाज कराएगा।
लेकिन उसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं निकला। इस पर उसका सैंपल नहीं लिया गया। उधर, हैलट की फ्लू ओपीडी से सात कोरोना संदिग्धों को आईडीएच भेजा गया। सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद पांच यात्री हैलट के आईडीएच में जांच कराने पहुंचे। इनमें चार यात्री शहर के थे, जबकि एक रायबरेली का था। इनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला।
ऐसे में इन्हें एहतियात बरतने की नसीहत देकर भेज दिया गया। रविवार को हैलट के 100 बेड मैटरनिटी वार्ड में फ्लू ओपीडी चली। इसमें दोपहर दो बजे तक 26 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इनमें सात लोग कोरोना संदिग्ध पाए गए। इन सभी ने आईडीएच जाकर कोरोना हेल्प डेस्क में पंजीकरण करा अपनी जांच कराई। फ्लू ओपीडी में डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ प्रोटेक्शन किट पहनकर जांच करते रहे।