महोबा। पेयजल संकट से जूझ रहे शहरवासियों के लिए खुशखबरी है। करीब 192 करोड़ की लागत से प्रस्तावित अमृत 2.0 योजना के तहत तैयार किए गए प्रस्ताव को शासन की ओर से वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है। इससे कार्ययोजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे।
फिलहाल शहर को उर्मिल बांध से पानी लाकर करीब 10,355 कनेक्शन धारकों को आपूर्ति दी जाती है। शहर की आबादी करीब डेढ़ लाख है। उर्मिल बांध का पानी करीब आधी आबादी तक ही पहुंच पा रहा है। पेयजल संकट वाले इलाकों में जरूरत के अनुरूप कबरई बांध से पानी आपूर्ति करने की योजना बनाई गई है। करीब 192 करोड़ की लागत से तैयार की गई कार्ययोजना में शहर के निकट ग्राम बिलबई के नजदीक स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए स्थान चिह्नित किया गया है। इसमें पानी शोधित होगा। इसके बाद महोबा मुख्यालय को आपूर्ति दी जाएगी। पेयजल प्रभावित इलाकों के साथ विस्तारित आबादी के लिए 307 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का जाल भी बिछाया जाना शामिल है। इस योजना के लिए सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने पहल की थी। उनका प्रयास रंग लाया। योजना बनकर तैयार होने के बाद शहरवासियों की प्यास बुझ सकेगी।
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छह स्थानाें पर बनेंगी पानी की टंकियां
महोबा। अमृत 2.0 योजना के तहत शहर में छह टंकियों का निर्माण कराया जाएगा। टंकी बनाने को शहर की हमीरपुर चुंगी, पुलिस अधीक्षक आवास के पीछे कांशीराम कॉलोनी के पास, बिलबई रोड रेलवे क्रासिंग के पास, पठा रोड पावर हाउस के सामने, हवेली दरवाजा में पहाड़ पर और लवकुशनगर रोड पर बिच्छू पहाड़िया के पास जमीन तलाशने का काम पूरा हो गया है।
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आठ जोन बनाकर दी जाएगी शहर को पेयजल आपूर्ति
महोबा। प्रस्तावित पेयजल योजना के तहत शहर को आठ जोन में बांटा जाएगा। जिन मोहल्लों में वर्तमान में पानी का संकट है, वहां प्राथमिकता के साथ पाइपलाइन डाली जाएगी और इलाकाई लोगों को नल के कनेक्शन दिए जाएंगे। शहर के 25 वार्डों में रहने वाली आबादी के लिए यह योजना महत्वाकांक्षी साबित होगी और पेयजल की समस्या दूर होगी।
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दूर होगा 12 वार्डों का पेयजल संकट, 21 हजार दिए जाएंगे कनेक्शन
महोबा। शहर महोबा की पेयजल समस्या का निदान अब अमृत 2.0 योजना से होगा। नगर के लवकुशनगर रोड, हवेलीदरवाजा, नयापुरा नैकाना, पठा रोड स्थित शेखूनगर, फतेहपुर बजरिया समेत 12 से अधिक वार्डों में लंबे समय से बरकरार पेयजल संकट के समाधान के लिए इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी है। तकनीकी स्वीकृति तो पहले ही मिल चुकी है। अब वित्तीय स्वीकृति मिलने से शहर के पेयजल संकट वाले इलाकों में पानी की सप्लाई पहुंच सकेगी और 21 हजार नए कनेक्शन दिए जाएंगे।
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शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल समस्या को देखते हुए कार्ययोजना तैयार की गई है। कार्ययोजना को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। टंकियों के निर्माण के लिए चिह्नित जमीन पर जल्द काम शुरू कराया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही योजना के तहत निर्माण शुरू हो जाएगा। -एके शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम हमीरपुर।