अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की घोषणा के बाद सोना-चांदी की चमक सोमवार को बढ़ी। चांदी में 4600 रुपये प्रति किलो और सोने में 2150 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आ गई। चांदी 2,58,500 रुपये प्रति किलो और सोना 1,54,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। जानकारों का कहना है कि समझौता सकारात्मक रहा तो बाजार में फिर से रौनक लौट सकती है। निवेशक बाजार में वापसी कर सकते हैं। वहीं, पुरुषोत्तम मास खत्म होने से बाजारों में भी ग्राहक देखने को मिल सकते हैं।
दरअसल, युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने के गहनों की खरीद एक साल तक न करने की अपील की गई थी। इससे सराफा बाजार में ग्राहक घट गए थे। इस बीच सोना-चांदी के भाव में मची उठापटक से निवेशक भी बाजार से दूर होता जा रहा था। शहर में सामान्य दिनों में 35 किलो सोना और दो हजार किलो चांदी बिकती थी। यहीं से 200 किलो मीटर क्षेत्र के लोग सोना-चांदी की खरीद के लिए आते हैं। अब 2.5 से पांच किलो तक ही सोना बिक रहा है। चांदी की बिक्री भी 100-150 किलो हो रही है।
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि बाजार में सबसे ज्यादा चांदी में निवेश होता है। मौजूदा समय में इसमें ही सबसे ज्यादा उठापटक मची हुई है। हालांकि अब दोनों देशों के बीच समझौता होने से बाजार में स्थिरता आ सकती है।
उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि दो जून को चांदी 2,74,000 रुपये प्रति किलो और सोने 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 10 जून को चांदी 2,40,000 रुपये प्रति किला और सोना 1,51,000 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था। नकदी का संकट बना हुआ है। अब कुछ राहत की उम्मीद कर सकते हैं।