कानपुर। महाराजपुर के पुरवामीर गांव में चाचा-चाची की क्रूरता के शिकार चारों मासूमों की उम्र भले ही कम है लेकिन उनका दिल बहुत बड़ा है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रविवार को भाई-बहनों से कहा कि तुम लोग जिस तरह से प्रताड़ित किए गए हो उसके लिए तुम्हारे चाचा-चाची पर कार्रवाई होनी चाहिए...। इस पर बच्चों ने कहा कि भगवान सब देख रहे हैं...। हम कोई कार्रवाई नहीं चाहते। हमारा घर अगल-बगल ही है। वह हमसे गुस्सा रहेंगे तो हमें अच्छा नहीं लगेगा। हम चाहते हैं कि सभी हमसे बात करें और हमें प्यार करें। यह सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
पुरवामीर गांव निवासी एक किशोर ने बीते गुरुवार की शाम पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी थी कि उसकी बहन को चाची हीटर से जला रही है। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो पता लगा कि 14, 11 व चार साल के तीन सगे भाई और उनकी नौ वर्षीय एक बहन है। चारों के माता-पिता की मौत हो चुकी है। इस वजह से चारों अपने चाचा-चाची के साथ रहते हैं। चाची चारों को रोजाना प्रताड़ित करने के साथ ही भूख लगने पर खाना देने की जगह मारती है।
बच्चों के आरोपों का ग्रामीणों ने भी समर्थन किया। पुलिस ने चारों बच्चों को उनके छोटे चाचा को सौंप दिया। इस संबंध में महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि जिस दिन बच्चों के साथ क्रूरता की शिकायत मिली थी उसी दिन आरोपी चाचा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। बच्चों द्वारा ही उसे कई बार छोड़ने का आग्रह किया गया इसलिए आरोपी चाचा के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करने के बाद हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
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पात्र बच्चों को सभी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे
चाचा-चाची की क्रूरता के शिकार चारों बच्चों से मिलने रविवार महिला एवं बाल कल्याण विभाग और चाइल्ड लाइन की टीम पहुंची। जिलाधिकारी के आदेश पर आई टीम ने बच्चों से बातचीत कर उनसे संबंधित जानकारी जुटाई और कागजात जुटाए। बच्चों को फल और रोजमर्रा की जरूरत का सामान देकर उनका मनोबल बढ़ाया। टीम में शामिल वंदना द्विवेदी, राबिया सुल्ताना और प्रतीक धवन ने बताया कि बच्चों को जिला प्रशासन की ओर से उन सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएरा जिसके लिए वह पात्र हैं। उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, भरण-पोषण, आर्थिक मदद की व्यवस्था के साथ ही उनकी निगरानी भी की जाएगी।