भोपाल ट्रेन धमाके को अंजाम देने के बाद मास्टर माइंड गौस मोहम्मद (जीएम) खान लखनऊ से भाग निकला था। शायद उसे भनक लग चुकी थी कि अब पुलिस छापेमारी शुरू करेगी।
इसलिए वह लखनऊ से भागकर सीधा कानपुर आया। उधर लखनऊ में जब जब सैफुल्ला और एटीएस की मुठभेड़ हुई तो जीएम खान अपने परिवार को लेकर कानपुर छोड़ रायबरेली फरार हो गया।
जीएम की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को उसका परिवार भी जाजमऊ मनोहर नगर घर लौट आया। दोनों बेटों और पत्नी ने जीएम के आतंकी संगठन आईएस से संबंध होने की जानकारी को सिरे से खारिज किया है। दोनों बेटों ने कहा कि पिता देशद्रोही है तो अब बेटों का उससे कोई वास्ता नहीं है।
आतंकी गौस मोहम्मद खान मूल रूप से रायबरेली के महाराजगंज का रहने वाला है। एयरफोर्स से रिटायर्ड होने के बाद जाजमऊ में ही किराए के मकान में रहा। इसके बाद परिवार के साथ मनोहर नगर जाजमऊ में नया मकान खरीदकर शिफ्ट हो गया।
घर में पत्नी जाहदा बेगम, दो बेटे अब्दुल कादिर, आदिल खान और एक बेटी रहती है। दोनों बेटे एक साथ लखनऊ में जूते की सेल का कारोबार करते हैं। बड़े बेटे कादिर ने बताया कि मंगलवार को पिता जीएम अचानक से सेल पर पहुंचे और घर चलने की बात कही।
इसके बाद दोनों बेटों के साथ कानपुर आ गया और परिवार के सभी लोगों के साथ अपनी इंडिगो कार से रायबरेली महाराजगंज के लिए रवाना हुआ। बेटों की मानें तो रायबरेली बछरावां में जीएम खान कार से खुद उतर गया और कहा कि सभी लोग ननिहाल चले जाओ। ससुराल से विवाद होने के चलते खुद मूलनिवास महाराजगंज जाने की बात कहकर चला गया।
परिजनों की मानें तो अगले दिन न्यूज पेपर और न्यूज चैनल के जरिए उन्हें पिता के आतंकी होने की जानकारी हुई। परिजनों का दावा है कि इसके बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हुआ। परिजनों के आने के बाद से पुलिस, जांच एजेंसियों के अधिकारी घर पर पूछताछ करने पहुंचे और तलाशी भी ली है आईएसआईएस आतंकी होने की जानकारी मिलने के बाद से जाजमऊ निवासी पड़ोसी भी सकते में हैं।