बच्ची गायब होने के बाद रोते बिलखते परिजन
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हमीरपुर में बच्चा चोरी होेने की अफवाह ने लोगों को एक बार फिर भयभीत कर दिया। मुख्यालय के डिग्गी मोहल्ले की एक बालिका पड़ोसी के घर पहुंची और परिजनों की मारपीट के डर से वहीं छिप गई। 24 घंटे तक कमरे में छिपी रही बालिका को मकान मालकिन ने पकड़ परिजनों को सौंप दिया।
फिलहाल फर्जी अफवाह पर विराम लग गया। उधर, गुरुवार को स्कूल पहुंची महिला पर शक जताने के बाद सैकड़ों महिलाएं पहुंचीं। मुख्यालय के डिग्गी मोहल्ला निवासी रामदुलारे की आठ वर्षीय पुत्री राखी पास के ही मोहल्ले के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती है। गुरुवार को वह स्कूल से आने के बाद अचानक गायब हो गई।
माता-पिता की डांट से घर के सामने वाले मकान में छिपी रही बालिका
देर शाम तक उसके घर न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मोहल्ले में किसी ने कहा कि वह चौरादेवी मंदिर में चल रहे भंडारे में प्रसाद खाने गई है, तो वहां भी तलाश की, एनाउंस कराया। देर रात तक जानकारी न होने पर परिजनों ने कोतवाली में तहरीर दी।
रात में ही पुलिस ने घर पहुंचकर जांच की। वहीं, शुक्रवार सुबह परिजन रिश्तेदारों व मोहल्लों के लोगों ने जिलाधिकारी से मिल पुत्री की तलाश कराने की गुहार लगाई और सभी गोल चबूतरे पर धरने में बैठ गए। इस पर कोतवाली पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया।
24 घंटे से गायब बालिका दूसरे दिन पड़ोस के मकान में मिली
तभी पड़ोसी के मकान के एक कमरे में राखी के बंद होने की जानकारी हुई। पुलिस ने घर पहुंचकर बालिका को खोज लिया। उधर, एक महिला द्वारा बच्चा चोरी करने की अपवाह फैलाई गई। जिस पर मोहल्ले के सैकड़ों महिला व पुरुष एकत्र होकर पहुंच गए।
इस पर पुलिस ने महिला को अपने साथ पूछताछ के लिए कोतवाली ले आई। एसआई संगीता यादव ने बताया कि बालिका के माता-पिता की डांट के डर से पड़ोसी विजय के मकान में बालिका छिप गई और वहीं सो गई थी। वहीं बच्चा चोरी करने की अफवाह के दौरान लोगों द्वारा पकड़ी गई महिला को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।