कानपुर में बिधनू के एक गांव में छात्रा और उसकी मां को सरेआम पूरे गांव के सामने शोहदों ने पीटा था। छात्रा के बारे में अभद्र बातें तक कहीं गईं। ग्रामीण ने भी मां-बेटी को नहीं बचाया। सबके सामने हुई बेइज्जती छात्रा सहन नहीं कर पाई और मौत चुन ली।
पुलिस की जांच में पता चला है कि छात्रा को दौड़ाते हुए आरोपी उसके घर तक पहुंच गए थे। गांव के करीब सभी लोग मौके पर थे। शोहदे मां बेटी को पीट रहे थे। एक दो लोगों ने हिम्मत जुटाई तो आरोपियों ने उनको भी डरा धमकाकर शांत करा दिया। मां का कहना है कि सरेआम हुई बेइज्जती को बेटी बर्दाश्त नहीं कर सकी और फांसी लगा ली।
पहले भी कई बार की थी छेड़छाड़
परिजनों ने बताया कि शोहदों ने पहले भी कई बार बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी। अगर तभी पुलिस से शिकायत कर दी होती तो आज बेटी जिंदा होती। शिकायत न करने से शोहदों की हिम्मत बढ़ती चली गई।
छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट नहीं लगाया
बिधनू थाना क्षेत्र में शनिवार को शोहदों की पिटाई से आहत 7वीं कक्षा की छात्रा (14) ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट और खुदकुशी के लिए उकसाने की धाराओं में ही रिपोर्ट दर्ज की है।
छात्रा की मां के मुताबिक बेटी से आरोपियों ने छेड़छाड़ की थी। जिसके बाद पूरा विवाद हुआ और मासूम ने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने एफआईआर में छेड़छाड़ की धारा और पॉक्सो एक्ट नहीं लगाया। पुलिस की मिलीभगत की शिकायत उन्होंने अफसरों से करने की बात कही है। बिधनू थाना प्रभारी पुष्पराज का कहना है कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। उसमें छेड़खानी का जिक्र नहीं है।