बहू की हत्या में दोषी करार दिए गए सास और ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। घटना के चार साल बाद मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश हर्षवर्धन ने पति को दोषमुक्त करते हुए सजा का एलान किया। कोर्ट ने दोनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वर कुमारी शाक्य, हरिनाथ सिंह ने बताया कि हुमा का पति घटना के वक्त घर पर नहीं था। हुमा ने पति पर प्रताड़ित करने के आरोप भी नहीं लगाए थे। हुमा के पिता नसीम खां की तहरीर पर पुलिस ने पति अहसन, ससुर वहीद व सास अनीसा बेगम के रिपोर्ट दर्ज की थी।