महिला द्वारा ससुरालियों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाना तो आम बात है, लेकिन यहां मामला उलटा है। पति ने पत्नी और उसके मायके वालों पर दहेज मांगने का आरोप लगाकर महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दर्ज कराया है। परिवादी के बयान दस अक्तूबर को दर्ज होंगे।
बर्रा तीन निवासी अनुराग गुप्ता ने हमीरपुर निवासी पत्नी चंद्रप्रभा, उसके पिता रामकृपाल, भाई अखिलेश व पंकज शिवहरे के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत मारपीट, गालीगलौज व जानमाल की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। अनुराग का आरोप है कि चंद्रप्रभा अपने मायके वालों के नाम पर मकान खरीदने व दस लाख रुपये देने का दबाव बना रही है। इसी विवाद के चलते तीन साल से पत्नी मायके में रह रही है। 17 सितंबर को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में मुकदमे की तारीख थी। सुनवाई के बाद जब अनुराग कोर्ट के बाहर निकले तो रामकृपाल ने दहेज न देने पर जानमाल की धमकी दी।
यशोदा नगर निवासी युवक ने शिकायत की वे एक लड़की के साथ कई सालों से लिव-इन रिलेशन में थे। लड़के ने अपने परिवार और नातेदारी में सबको बता दिया था, लड़की के ऊपर हजारों रुपये खर्च भी किए। जब लड़की से उसके परिवार के लिए बोला तो उसने शादी करने से मना कर दिया। शादी बनाने का दबाव बनाया तो बोली केस में फंसा दूंगी। परिवार में भी हो गई किरकिरी।
साकेत नगर निवासी युवक की पत्नी शादी के एक महीने बाद ही मायके छोड़ कर चली गई। परिवार को दहेज प्रताड़ना के मामले में फंसाने की धमकी देकर लोगों पर रौब चलाती है। कई बार परिवार के सदस्य उसको लेने भी गए तो बेइज्जत करके भगा दिया। डर से परिवार के सदस्य भी चुप हैं।
बदल रहे दौर में अब ‘प्रताड़ित पुरुषों’ की संख्या बढ़ रही है। महिलाओं के हक के लिए बने कानून के डर से कई पुरुष अपनी समस्याएं उजागर करने से बचतेे हैं। यही कारण है पुरुषों की समस्याओं को सुनने, उनको उचित सलाह देने के लिए कई संस्थाएं सामने आईं हैं। संस्थाओं के अलावा कई ऑनलाइन वेबसाइट हैं, जो शोषित पुरुषों की मदद कर रही हैं।
इन संस्थाओं और वेबसाइट पर अधिकतर तो दहेज से प्रताड़ित पुरुषों की शिकायतें आती थीं, लेकिन अब कई नई शिकायतों का दौर भी चल पड़ा है। कोई शादी न करने की बात, कोई सहमति से संबंध बनाने के बाद रेप में फंसाने की धमकी की शिकायत लेकर आता है।
शहर में ऐसी संस्था चला रहे दामन संस्था के अध्यक्ष अनुपम दुबे ने कहा कि शहर में विषाक्त महिलावाद उपजा है, जो पुरुषों को परेशान कर रहा है। हर पुरुष गलत नहीं होता, लेकिन सबको एक नजर से ही देखा जाता है। उन्होंने कहा कि संस्था में शिकायत करने वाले पुुरुषों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले जहां महीने में चार पांच केस ही आते थे, अब संख्या बढ़कर 15-20 हो गई है। गूगल पर सर्च करो तो सैकड़ों वेबसाइट मिल जाएंगी।