हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम कमरौली में शादी समारोह से गुरुवार रात संदिग्ध हालात में लापता हुई बच्ची का शव गांव से कुछ दूर पर एक धार्मिक स्थल के निकट झाडिय़ों में पड़ा मिला। गला दबाकर बच्ची की हत्या किए जाने की पुष्टि पोस्टमार्टम में हुई है। पुलिस और मृतका के परिजनों को आशंका है कि दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या की गई है।
इसके चलते स्लाइड भी बनवाई गई है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। एसपी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिजनों से जानकारी ली। मृतका के पिता की तहरीर पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और हत्या की रिपोर्ट अज्ञात के विरुद्घ दर्ज की गई है। ग्राम कमरौली निवासी अरविंद की पुत्री वंदना (7) गांव में ही स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा थी।
गुरुवार को गांव निवासी महेश की पुत्री की शादी थी। मल्लावां के इब्राहिमपुर से बरात आई थी। रात लगभग आठ बजे वंदना गांव के अन्य बच्चों के साथ ही शादी में बरात देखने गई थी। रात लगभग 10 बजे वह वापस घर गई थी, लेकिन उसके बाद फिर शादी में चली गई। देर रात तक वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। रात भर बच्ची का कोई पता नहीं चला।
शुक्रवार की सुबह शौच के लिए निकले कुछ ग्रामीणों को गांव के बाहर पश्चिम दिशा में स्थित एक धार्मिक स्थल के निकट झाडिय़ों में वंदना का शव पड़ा दिखा। इस पर परिजनों को सूचना दी गई तो रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंच गए। सूचना पर सुरसा के प्रभारी निरीक्षक राजकरन शर्मा भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे और उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक बच्ची के नाक और मुंह से खून निकल रहा था। शरीर में कई स्थानों पर खरोंच के निशान थे और गाल के दोनों तरफ भी नाखून से नोचे जाने के निशान मिले हैं। परिजनों और पुलिस दोनों ने ही दुष्कर्म के बाद बच्ची की गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
मां को चाउमीन देने घर आई थी वंदना
हरदोई। पुलिस ने वंदना का शव बरामद होने के बाद परिजनों से पूछताछ की। विश्वस्त सूत्रों करे मुताबिक वंदना की मां निर्मला ने पुलिस को बताया कि रात में आठ बजे अन्य बच्चों के साथ वंदना घर से गई थी। शादी में बरात आने के बाद नाश्ता और खाना शुरू हो गया। रात लगभग 10 बजे वंदना चाउमीन देने के लिए अपने घर गई थी। निर्मला के मुताबिक वंदना के छोटे भाई आलोक को चाउमीन अच्छी लगती है, इसलिए वंदना घर में चाउमीन देने के लिए आई थी। दरवाजे पर निर्मला ही मिल गई तो वह चाउमीन मां को देकर वापस शादी में चली गई। मृतका चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की थी।
आनन-फानन में ही विदा हुई बरात
शादी से वंदना के संदिग्ध हालात में लापता हो जाने और सुबह उसका शव मिलने के बाद गांव में आई बरात भी सभी रीति-रिवाजों को पूरा कर जल्द विदा हो गई। गांव निवासी महेश की पुत्री की बरात मल्लावां के इब्राहिमपुर से आई थी। अधिकांश बराती रात में ही लौट गए थे और जो बराती बचे भी वह सुबह घटना होने के बाद वापस लौटने की जल्दी में नजर आए।