11वीं की छात्रा ने चरित्र पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम किए जाने से आहत होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फांसी पर झूलने से पहले छात्रा ने रजिस्टर के पन्ने में सुसाइड नोट लिखा, जिसमें मां से माफी और लोगों द्वारा झूठा बदनाम किए जाने की बात लिखी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सुसाइड नोट में लिखे दर्द भरें शब्दों को पढ़ कर हर शख्स फफक-फफककर रो पड़ा। घटना यूपी के महोबा जिले की है।
कस्बा खरेला के मोहल्ला डिगुर्राय निवासी शिवानी 16 पुत्री बब्बू जोशी कस्बे के केपीआई इंटर कालेज में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। कुछ दिन पहले कस्बे के लोगों ने छात्रा के चाल चलन पर सवाल उठाते हुए बदनाम करने की कोशिश की।
छात्रा ने लिखा कि मम्मी मैने ऐसा कुछ नही किया.....
डेमो पिक
इसकी जानकारी परिजनों को होने पर उन्होंने छात्रा को समझाया। लोगों द्वारा उसे झूठा बदनाम किए जाने से छात्रा परेशान रहती थी। पिता बब्बू जोशी दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी का काम करता है। दो दिन पहले मां बड़े पुत्र मनीष के साथ अपनी बहन के यहां उरई गई थी। जबकि शिवानी और उसका उसका छोटा भाई सुमित 10 घर पर थे।
शुक्रवार की रात दोनों खाना खाने के बाद लेट गए। जब सुमित सो गया तभी शिवानी ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह भाई के जागने पर बहन फांसी के फंदे पर झूलती मिली जिससे देखकर उसके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और परिजनों को दी गई।
छात्रा ने लिखा कि मम्मी मैने ऐसा कुछ नही किया, मुझे नही पता कि मै ऐसा करने जा रही हूं
डेमो पिक
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारते हुए मौके से सुसाइड नोट बरामद किया। जिसमें छात्रा ने लिखा कि मम्मी मैने ऐसा कुछ नही किया, मुझे नही पता कि मै ऐसा करने जा रही हूं। मुझे सभी ने झूठा ही बदनाम कर दिया, मेरी गलती की सजा मौत है। हो सके तो मुझे माफ कर देना।
सुसाइड नोट में छात्रा की राइटिंग का मिलान कराया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रभारी थानाध्यक्ष खरेला बलदेव यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का सामने आ रहा है। मौत के कारणों के प्रत्येक बिंदु की जांच कराई जाएगी।