सदर तहसील क्षेत्र काफी बड़ा, इसको ही दो भागों में बांटा जाए
प्रस्ताव तैयार करने के बाद भी शासन को नहीं भेजा गया था। एक सप्ताह पहले शासन ने नई तहसील का प्रस्ताव मांगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने एडीएम (एफआर) राजेश कुमार को बुलाकर रिपोर्ट मांगी। इसमें पाया कि घाटमपुर और बिल्हौर तहसील के भी गांव शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि सदर तहसील का क्षेत्र बड़ा है, इसको ही दो भागों में बांटकर नया प्रस्ताव तैयार किया जाए।
आगे क्या... शासन को जाएगा प्रस्ताव
नया प्रस्ताव तैयार कर 20 दिन के भीतर शासन के पास भेजा जाना है। वहां से अनुमति मिलने के बाद दक्षिण क्षेत्र में जमीन चिह्नित करने का काम शुरू किया जाएगा। संभावना है कि नवीन गल्ला मंडी में तहसील बनाई जा सकती है। शासन से अनुमति मिलने के बाद एक साल में इसे तैयार किया जा सकता है।
इसलिए पड़ी जरूरत
सदर तहसील क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्रों के 250 से ज्यादा गांव आते हैं। यहां की आबादी करीब 40 लाख है। गांवों के तहसील और जमीन संबंधी काम सदर तहसील से ही होते हैं। क्षेत्र बड़ा होने के कारण शिकायतें हमेशा लंबित ही रहती हैं। प्रस्तावित नई तहसील में करीब 120 गांवों को शामिल किया जा सकता है। इससे काम बंट जाएगा और समय से निस्तारण हो सकेगा।
नई तहसील में ये क्षेत्र हो सकते हैं शामिल
नई तहसील में नौबस्ता, बिधनू, सचेंडी के साथ ही चकेरी और रूमा क्षेत्र का ग्रामीण हिस्सा शामिल किया जा सकता है।
यह काम होंगे आसान
जमीनों की खसरा-खतौनी, दाखिल-खारिज, वरासत बनवाने, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के काम आसान हो जाएंगे। एसडीएम से की जाने वाली जमीन खरीद-फराेख्त और कब्जे की शिकायतों के लिए दक्षिण के लोगों को चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। लोगों को भागदौड़ से बचाने के लिए बिल्हौर और घाटमपुर तहसील के गांवों को नहीं शामिल किया जाएगा। सदर तहसील क्षेत्र को ही दो भागों में बांटा जाएगा। -राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी