कानपुर के घाटमपुर और सजेती के बरीपाल कस्बे को रेड जोन घोषित करने के बाद सील कर दिया गया है। प्रशासन ने बुधवार को दोपहर बाद ड्रोन कैमरे से इलाके की निगरानी कराई। इससे पूर्व पुलिस-प्रशासन और पालिका कर्मचारियों ने कस्बे में घूमकर माइक से लोगों को घरों में रहने और लॉकडाउन का पालन करने के निर्देश दिए। बिना वजह घूमते मिले लोगों को पुलिस ने खदेड़कर घरों के अंदर कर कराया।
एसडीएम वरुण कुमार की अगुवाई में ड्रोन कैमरे की टीम ने रेड जोन घोषित इलाके कटरा, हाफिजपुर, कजियाना, आछी मोहाल और शेखवाड़ा सहित अन्य मोहल्लों की निगरानी की। कई मकानों की छतों पर ईंट-पत्थर दिखने पर इन्हें तत्काल हटाने के लिए कहा गया। टीम ने बरीपाल और सजेती कस्बे का भी जायजा लिया।
आपको बताते चलें कि कानपुर में तब्लीगी जमात के छह लोग कोरोना पॉजीटिव मिले थे। इनमें चार लोग दिल्ली और गुजरात के रहने वाले हैं, एक ईरान और एक अफगानिस्तान का रहने वाला है। ये सजेती के बरीपाल, कानपुर देहात के गजनेर और सैंथा और बाबूपुरवा समेत अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों में रहे थे। कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद इन इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया था।
ग्रामीणों ने 15 संदिग्धों को पकड़ किया था पुलिस के हवाले
कानपुर के घाटमपुर इलाके में 6 फरवरी को सजेती थानाक्षेत्र के गुजेला गांव में संदिग्ध युवकों को घूमते देख सनसनी फैली थी। गांववालों ने 15 युवकों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि वे जमात के लोग हैं और धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए निकले हैं।
उन्होंने धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रशासन का अनुमति पत्र भी पुलिस को दिखाया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने उनको थाने से छोड़ दिया था। पकड़ेे गए युवकों में जगतपुरी दिल्ली निवासी अब्दुल अजीम, शाहिल अंसारी, आमीर, मो.आलम, मो.आरिफ और कृष्णा नगर दिल्ली निवासी शाहिद अंसारी आदि थे। पुलिस के मुताबिक सभी के पास उनके आधार कार्ड और पहचान संबंधी अन्य कागजात मिले थे, जो जांच में सही पाए गए थे।
युवकों ने बताया था कि जमात के 16 लोग हमीरपुर के बाद घाटमपुर आए हैं। कुछ गुजेला गांव में रुक गए थे जबकि, कुछ घाटमपुर पहुंच गए थे। लेकिन, जब उनको सजेती थाने में साथियों के पकड़े जाने की सूचना मिली थी तो जमात के शेष सदस्य सजेती पहुंच गए थे वहां सभी को थाने से ही छोड़ दिया गया था।