कर्मचारी भविष्य निधि संगठन निष्क्रिय खातों पर ब्याज देने की तैयारी कर रहा है। इसका फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो कई जगह नौकरी
करने के बाद अपना पीएफ ट्रांसफर नहीं कराते हैं। कानपुर रीजन में करीब एक लाख से अधिक ऐसे खाते हैं जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं।
विभाग के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि अभी ऐसे खाते जिनमें तीन साल तक कोई लेनदेन नहीं होता था, उसे निष्क्रिय मानकर ब्याज देना बंद कर दिया जाता था।
विभाग की ओर से यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) दिए जाने की व्यवस्था के बाद से यह तथ्य सामने आए हैं कि तमाम पीएफ खाता धारक ऐसे हैं जो किसी संस्थान या कार्यालय में तीन वर्ष काम करते हैं फिर उसे छोड़कर दूसरी जगह काम करना शुरू कर देते हैं।
दूसरी जगह काम के दौरान उनका नया पीएफ खाता नंबर जनरेट हो जाता था, लेकिन जानकारी के अभाव में अपना पीएफ ट्रांसफर नहीं कराते हैं। जिसका परिणाम यह होता है कि इन खातों में लेनदेन बंद हो जाता है।
लेकिन पीएफ खाताधारक का वास्तविक अंशदान (किसी अन्य संस्था के जरिए) जारी रहता है। विभाग में भी कोई जानकारी न होने के कारण इन खातों को निष्क्रिय मान लिया जाता था लेकिन अब विभाग ने यूएएन नंबर देने की व्यवस्था शुरू कर दी है।
जिसमें नौकरी बदलने के बाद भी पीएफ नंबर नहीं बदलेगा। इस व्यवस्था के आने के बाद ऐसे निष्क्रिय खातों में अब ब्याज देने की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
इंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड स्टाफ यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि कानपुर रीजन में ऐसे खातों की संख्या एक लाख से अधिक है जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं।