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जल्द पूरा कराएं पीडियाट्रिक आईसीयू का निर्माण

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कानपुर देहात। प्रदेश के नगर विकास व जिले के प्रभारी बुधवार को जनपद प्रवास पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले कलक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ कोविड तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इसके बाद कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। बाद मेें जिला अस्पताल में बनाए जा रहे पीडियाट्रिक आईसीयू का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिए समय से इसका निर्माण पूरा कराने को कहा।
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कलक्ट्रेट मेें कोविड-19 की समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री महेश चंद्र गुप्ता को बताया गया कि जिला अस्पताल अकबरपुर स्थित कोविड एल-टू अस्पताल में आईसीयू के बीस बेड की क्षमता से बढ़ाकर 35 किया गया है। एल-वन चिकित्सालय में सौ बेड ऑक्सीजन युक्त हैं। इसमें आइसोलेशन के सौ अतिरिक्त बेड बढ़ाए जा रहे। वहीं सीएचसी शिवली में 30 व सीएचसी देवीपुर में 30 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
समीक्षा बैठक के बाद प्रभारी मंत्री जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने कोविड हेल्प डेस्क को देखा। आने वाले मरीजों के नाम रजिस्टर में दर्ज मिले। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने बच्चों के लिए बनाए जा रहे बीस बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू का निरीक्षण किया। सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि आईसीयू को अलग-अलग कक्षों में विभाजित किया जा रहा है।
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फिलहाल वहां प्रवेश के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र से होकर जाना पड़ता है। जिसे बंद कर बाहर की दीवार तोड़कर प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने आईसीयू को जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह, एसपी केशव कुमार चौधरी, सीडीओ सौम्या पांडेय, एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व साहब लाल, सीएमओ डॉ. राजेश कटियार, एसडीएम सदर राजीव राज, जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कोविड कमांड सेंटर से मरीज का पूछा हाल
कानपुर देहात। जिले में प्रवास पर आए प्रभारी मंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने कलेक्ट्रेट स्थित कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया। उपस्थित डॉक्टर व कर्मियों ने बताया कि कोविड मरीजों से दूरभाष के जरिये हालचाल लेकर सलाह दी जाती है।
जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाती है। इस पर प्रभारी मंत्री ने कंट्रोल सेंटर के फोन से होम आइसोलेशन में रह रहे अकबरपुर के नेहरू नगर निवासी अजीत सिंह से बात की। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत व उपचार के बाबत जानकारी ली।
प्रभारी मंत्री को भी नहीं बता सके कब चालू होंगे वेंटिलेटर
कानपुर देहात। जिले में कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य अधिकारी तमाम कागजी घोड़े तो दौड़ा रहे, लेकिन हकीकत में दावे उलट हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट में सदर विधायक ने सीएमओ व सीएमएस की नाकामी गिनाई तो प्रभारी मंत्री महेश चंद्र गुप्ता भी हताश नजर आए।
सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए शासन से भारी भरकम बजट दिया गया है। इसके बावजूद लोगों को सरकारी अस्पतालों के बजाय प्राइवेट मेें बेहतर इलाज क्यों मिलता है। यह स्वास्थ्य अधिकारियों की नाकामी को दिखाता है। विधायक ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल के डॉक्टर से लेकर वार्ड ब्वॉय तक मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भेजते हैं।
प्रभारी मंत्री ने सीएमओ डॉ. राजेश कटियार व सीएमएस डॉ. एसपी सिंह से कारण पूछा तो अफसर चुप्पी साधे नजर आए। प्रभारी मंत्री ने विधायक की ओर से गिनाई गई खामियों में सुधार की हिदायत दी। वहीं जिला अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए एक साल पहले भेजे गए 24 वेंटिलेटर मेें सिर्फ चार के ही चालू होने के बाबत भी अफसर एक दूसरे पर आरोप मढ़ते नजर आए।
सीएमओ ने कहा कि कुछ वेंटिलेटर के उपकरण गायब थे। जिसे खरीदने के लिए सीएमएस को दो लाख का बजट भी दिया गया, लेकिन उपकरण अभी तक नहीं आए। वहीं सीएमएस ने बीती 30 अप्रैल को कार्यवाहक के तौर पर चार्ज लेेने का हवाला देकर कन्नी काट ली। अब वेंटिलेटर कब चालू होंगे।
स्वास्थ्य अधिकारी इसका सटीक जवाब तक नहीं दे सके। डीएम जेपी सिंह ने बताया कि वेंटिलेटर चालू न होने के जिम्मेदार अधिकारियों की शासन में रिपोर्ट भेजी है। जिस पर प्रभारी मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बाबत शासन में पैरवी की बात कही।
डेथ ऑडिट कमेटी की सीएमओ नहीं दे सके जानकारी
कानपुर देहात। प्रभारी मंत्री के सामने स्वास्थ्य अफसर हर मोर्चे पर पस्त दिखे। जिले में कोविड जैसे लक्षणों से लगातार हो रही मौतों को लेकर डेथ ऑडिट कमेटी बने होने का मुद्दा प्रभारी मंत्री के सामने उठाया गया। उन्होंने कमेटी के बाबत जानकारी मांगी। इसपर सीएमओ कोविड-19 से हुई मौतों की ऑडिट के बारे में बताने लगे। आखिर तक सीएमओ डेथ ऑडिट कमेटी बने होने के बारे में प्रभारी मंत्री को नहीं बता सके।
एक्सरे मशीन चलाने का नहीं पंजीकरण
कानपुर देहात। एक माह पहले कोविड एल-टू अस्पताल में मेडिकल कॉर्पोरेशन से एक्सरे मशीन भेजी गई, जो शोपीस बनी खड़ी है। प्रभारी मंत्री ने एक्सरे मशीन चालू न होने का कारण पूछा तो सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मशीन चालू करने का पंजीकरण नहीं है। जिस पर चालू नहीं किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और एक्सरे मशीन जल्द चालू कराने के निर्देश दिए।
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