पुखरायां। शासन-प्रशासन के लाख प्रयासों के बाद भी लोग टीकाकरण के लिए जागरूक नहीं हो रहे हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति सबसे खराब है। विकास खंड मलासा के अंडवा गांव के ग्रामीण टीकाकरण के लिए राजी नहीं हो रहे थे।
इस पर स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक किया तो 13 ग्रामीण टीकाकरण के लिए तैयार हो गए। इसके बाद सभी को लेने के लिए सीएचसी से वाहन भेजा गया। कुछ दूर जाकर 10 लोग टीकाकरण न कराने की बात कहते हुए वाहन से कूद कर भाग गए। वहीं तीन लोगों का सीएचसी पर टीकाकरण किया गया।
मलासा के देवीपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास कुमार ने बताया कि अंडवा गांव में पहले तो लोग टीका लगवाने के लिए राजी नहीं हो रहे थे। स्वास्थ्य टीम के समझाने पर बुधवार को 13 लोग वैक्सीन लगवाने को तैयार हुए थे। जिनको गांव से लेकर आने के लिए सीएचसी से एक वाहन भेजा गया था। गांव पहुंचकर ड्राइवर ने सभी को एंबुलेंस में बैठा लिया।
जब वह गांव से लेकर चलने लगा तो वाहन में बैठे 10 लोग कूदकर भाग गए। वाहन चालक ने जब ऐसा करने का कारण पूछा तो सभी पास न आने की धमकी देने लगे। इस दौरान स्वास्थ्य टीम दूसरे गांव गई हुई थी। वाहन चालक के बताने पर गांव में स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचे लेकिन कोई भी मौके पर नहीं मिला।
इससे कर्मचारियों को भी लौटना पड़ा। वहीं वाहन में बैठे रहे तीन लोगों को देवीपुर सीएचसी में लाकर टीका लगाया गया। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि गांव में दो बार टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक किया जा चुका है। इसके बावजूद भी लोग टीका लगवाने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।
खालेशहर गांव में भी टीका लगवाने को लोग नहीं हुए तैयार
पुखरायां। खालेशहर गांव में ग्रामीण टीकाकरण के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। बुधवार को गांव पहुंची टीम ग्रामीणों के नहीं आने पर लौट गई। अमरौधा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि खालेशहर गांव में बुधवार को टीका करण कराने का निर्धारण किया गया था।
जिसके लिए लोगों को जानकारी भी दी गई थी। जब स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची तो लोग टीका लगवाने के तैयार नहीं हुए। समझाने के बाद भी न मानने पर टीम को वापस लौटना पड़ा।