कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों में बने किचन गार्डन की अब फोटो के साथ जियो टैगिंग करनी होगी। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए है। साथ ही किचन गार्डन के लिए शासन से मिली धनराशि के खर्च का ब्योरा मांगा है।
शासन ने जिले के 1606 परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनाए जाने के लिए 80 लाख से अधिक रुपये खर्च किए हैं। यह रुपये किचन गार्डन में सब्जियां उगाने के लिए दिए गए थे। इसका उद्देश्य बच्चों को बागवानी की जानकारी देने के साथ किचन गार्डन में उगी सब्जियों को एमडीएम में मिलने वाले भोजन में परोसना था। मगर अनदेखी से कई स्कूलों में किचन गार्डन बदहाल अवस्था में पड़े हुए हैं।
अमर उजाला ने स्कूलों की पड़ताल करते हुए 80 लाख खर्च करने के बाद भी किचन गार्डन में सब्जियां नहीं उगा पाया विभाग शीर्षक के साथ पांच अक्तूबर के अंक में खबर प्रकाशित की थी। बीएसए अजय कुमार मिश्र ने खबर का संज्ञान लेते हुए सभी बीईओ को पत्र जारी किया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 व 2024-25 में स्थापित किचन गार्डन की जियो टैगिंग फोटोग्राफी के साथ आख्या मांगी है। बताया कि शासन से किचन गार्डन बनाए जाने के लिए जिन स्कूलों को धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उन्हें जियो टैगिंग करते हुए संबंधित बीईओ को तीन दिन में सूचित करना होगा। इसके लिए सभी बीईओ को निर्देश जारी किए गए हैं।