कानपुर देहात। अकबरपुर मेडिकल कॉलेज के नए भवन में स्थापित मॉड्यूलर ओटी में अब जनरल एनेस्थीसिया (जीए) की सुविधा शुरू हो गई है। मंगलवार को इस विधि का प्रयोग कर दो महिलाओं के गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) में पथरी की सफल सर्जरी की गई। इससे मरीजों को आवश्यक शल्य चिकित्सा के लिए अब बेहतर सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी।
प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि पूर्व में मेडिकल कॉलेज में सिर्फ स्पाइनल एनेस्थीसिया सुविधा संचालित थी। इसमें मरीज पूर्ण रूप से होश में रहता है लेकिन कमर के नीचे के हिस्से में कोई दर्द या अहसास नहीं होता है। जनरल एनेस्थीसिया में मरीज को पूरी तरह सुला दिया जाता है। सर्जरी के दौरान उसे कुछ भी महसूस या याद नहीं रहता है। इस उपलब्धि में नोडल अधिकारी एनेस्थीसिया डॉ. उमेश सिंह, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार और डॉ. हरप्रीत सिंह का विशेष योगदान रहा। सर्जरी में डॉ. जसवीर सिंह तथा एनेस्थीसिया टीम के डॉ. मनोज निगम, डॉ. वृंदावन और डॉ. अजीत वर्मा ने भूमिका निभाई।
बता दें कि एनेस्थीसिया के अभाव में भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान के जेठ अजीत सचान को रेफर किए जाने व ऑपरेशन की संख्या कम होने पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने नाराजगी जाहिर की थी। इस पर सोमवार को प्राचार्य ने एनेस्थीसिया के विभागाध्यक्ष डॉ. नीना रायजादा को उनके पद से हटाकर डॉ. उमेश को नोडल नामित किया था। इस कार्रवाई के अगले दिन ही मेडिकल कॉलेज में जनरल एनेस्थीसिया की सुविधा शुरू कर ऑपरेशन किए गए।