कानपुर। शहर में गैस की किल्लत के बीच रिफिलिंग करने वाले भी लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने पांच किलो का छोटा सिलिंडर में गैस का दाम तीन से चार गुना तक बढ़ा दिए हैं। पहले सौ रुपये प्रति किलो में गैस भरी जाती थी अब तीन सौ से साढ़े चार सौ रुपये प्रति किलो भरी जा रही है।
शहर में करीब 20 से 25 फीसदी छात्र और मजदूर किराये में रहते हैं। यह लोग पांच किलो का छाेटा सिलिंडर का उपयोग करते हैं। पहले पांच किलो गैस पांच सौ रुपये में भरा लेते थे। यह 15 से 20 दिन चलती थी। ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच युद्ध के बाद गैस किल्लत बढ़ गई है। इस पर रिफिलिंग करने वालों ने भी दाम बढ़ा दिए। आपूर्ति विभाग ने कुछ जगहों पर छापे मारे लेकिन वसूली जारी है।
घरेलू गैस सिलिंडर में 14.2 किलो गैस होती है। गैस किल्लत के बाद यह सिलिंडर ब्लैक में तीन हजार से 32 सौ रुपये में मिल रहा है। यदि तीन सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से रिफिलिंग की जाए तो एक घरेलू सिलिंडर से करीब 4200 रुपये मिलते हैं। इससे रिफिलिंग करने वाले को कीमत निकालकर करीब 12 सौ रुपये तक का मुनाफा होता है।
कानपुर के कई इलाकों में गैस रिफिलिंग का कारोबार होता है। इनमें लाल बंगला, जाजमऊ, चमनगंज, छपेड़ा पुलिया, शारदानगर और बजरिया प्रमुख हैं। विनायकपुर, मसवानपुर, नमक फैक्टरी, विकासनगर, रावतपुर, गीतानगर, नवाबगंज और केशव पुरम में भी यह अवैध कार्य जारी है। कर्रही, दामोदरनगर, संजय गांधी नगर, जरौली फेज-1, बर्रा-8 बाजार, गुजैनी, दबौली और गोविंदनगर जैसे अन्य क्षेत्र भी सक्रिय हैं।
बाहर के शहरों से कानपुर आकर काकादेव, छपेड़ा पुलिया, बर्रा-2 जैसे इलाकों में किराये पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर गैस किल्लत की सबसे ज्यादा मार पड़ रही है। जो छात्र बाहर खाना खाते हैं उन्हें भी दोगुने दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
खीर-कढ़ी से गुजारा
चार साल से छपेड़ा पुलिया में किराये पर रहकर नीट की तैयारी कर रहा हूं। अब गैस भरवाना मुश्किल हो गया है। दुकानदार 300 रुपये प्रति किलो वसूल रहे हैं। मजबूरी में खीर-कढ़ी जैसे सस्ते विकल्पों से काम चला रहा हूं। - विवेक, आजमगढ़
आधा दिन भूखे रहना पड़ता
दो साल से छपेड़ा पुलिया में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। गैस किल्लत की वजह से अब आधा दिन भूखे रहना पड़ता है और बाकी समय जुगाड़ से काम चला रहे हैं। - अंकित, गाजीपुर
मुसीबत बन गया छोटा सिलिंडर
चार साल से छपेड़ा पुलिया में रहकर तैयारी कर रहा हूं। सीमित खर्च में खुद खाना पकाकर ही गुजारा करता था। अब छोटा सिलिंडर ही सबसे बड़ी समस्या बन गया है क्योंकि इतनी कीमत में बिना कमाई के नहीं दे सकते। - पंकज निगम, आजमगढ़
घर लौटने की आ गई नौबत
गुरुदेव पैलेस के पास किराये पर रहकर सहायक अध्यापक परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। डीएनजी ग्रैंड होटल की गली में कई स्थानों पर सिलिंडर रिफिलिंग हो रही है लेकिन दुकानदार अधिक कीमत वसूल रहे हैं। अब तो घर लौटने की नौबत आ गई है। - निकिता, उन्नाव
सिलिंडर न मिलने से दुकान बंद
काकादेव में फास्ट फूड की दुकान लगाने वाले सैफ ने बताया कि होली के बाद से गैस सिलिंडर न मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। दुकान बंद पड़ी है और आमदनी पूरी तरह ठप हो गई है। ईद पर घर में सेवईं भी नहीं बन सकीं। - सैफ, दुकानदार
एजेंसी से नहीं मिल रहा कामर्शियल सिलिंडर
अनुराग अस्पताल के पास फास्ट फूड की दुकान चलाने वाले मो. सुहैल ने बताया कि कम कीमत होने से प्रतिदिन हजारों छात्र आते थे। अब सिलिंडर न मिलने से कारोबार चौपट हो गया है। एजेंसी से काॅमर्शियल सिलिंडर नहीं दिया जा रहा।