सिंडीकेट बनाकर खेलता था जमीनों का खेल,
गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के जाजमऊ अखलाखनगर निवासी गैंगस्टर व भूमाफिया नसीम अहमद किसी समय एक क्लीनिक में कंपाउडर था। बाद में अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखने लगा। अवैध ढंग से जमीनों की अवैध खरीद फरोख्त से दस साल के अंदर उसने अकूत संपत्ति अर्जित की है।
भतीजे और भाई के साथ जेल में है बंद
वह सिंडीकेट बनाकर जमीनों का खेल गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के जाजमऊ सहित अन्य इलाकों में करता रहा। इस धंधे में उसके परिवार के साथ नाते रिश्तेदार और दोस्त भी शामिल है। गैंगस्टर की कार्रवाई होने के बाद नसीम उसके भाई बिलाल व भतीजे को जेल भेजा गया था। चौथा नसीम का रिश्तेदार रमजानी अभी भी पकड़ से बाहर है।
परिवार और रिश्तेदारों को कर रखा है शामिल
नसीम अहमद ने 10 वर्षों में सदर तहसील के कटरी पीपरखेड़ा समेत अन्य ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीनों पर कब्जा कर प्लाटिंग कर करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाई है। नसीम अहमद ने अपने भाई बिलाल अहमद व भतीजे फैज अहमद के अलावा अपने अन्य रिश्तेदारों को शामिल करने के साथ ही खास दोस्तों को इस अवैध जमीन के धंधे में डाला।
सरकारी महकमे के लोगों ने भी खेल में साथ दिया
सूत्रों के मुताबिक कुछ सफेदपोश लोगों के अलावा सरकारी महकमे के लोगों ने भी जमीन के खेल में उसका साथ दिया। नसीम के खिलाफ गंगाघाट कोतवाली के अलावा सदर कोतवाली में आठ मुकदमे दर्ज हैं। दो मुकदमे जान से मारने की धमकी, अन्य मुकदमे फर्जी दस्तावेजों को तैयार कर जमीनों के खरीद फरोख्त के है।
गैंगस्टर की हुई थी कार्रवाई
इसी साल जुलाई में डीएम अपूर्वा दुबे ने भूमाफिया नसीम व उसके भाई बिलाल अहमद, भतीजे फैज अहमद एवं रिश्तेदार रमजानी के खिलाफ सरकारी जमीन पर कब्जा कर बिक्री करने पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। 31 जुलाई को डीएम के आदेश पर नसीम समेत तीनों भूमाफिया को गंगाघाट पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।