पुलिस ने गैंग लीडर जुबैर खान निवासी मोहल्ला गढ़ी, रामनरेश निवासी मोहल्ला गुड़ मंडी, सुखवीर निवासी रुटौल, पुष्पेंद्र निवासी कैलठा अलीगंज एटा समेत आठ के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी सुखवीर को टीपी चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
फर्जी फर्मों के जरिये तंबाकू कारोबार में जीएसटी चोरी कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाने वाले माफिया समेत उसके गैंग के आठ बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया है। एक को जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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एक सितंबर 2022 को लखनऊ जीएसटी के एसटीएफ प्रभारी अरविंद कुमार ने 13 फर्मों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की थी। इसी दौरान मोहल्ला गड़ी निवासी जीएसटी माफिया जुबैर के घर छापा मारा था। टीम ने कई फर्जी फर्में पकडी थीं। इसमें नौकरों और राजमिस्त्री के नाम से थीं। जीएसटी टीम ने माफिया जुबैर, रामनरेश व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद लंबे समय मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। पुलिस ने कोई गिरफ्तारी भी नहीं की।
इसके बाद जीएसटी माफिया व उसके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसी आधार पर प्रभारी निरीक्षक रामअवतार ने टैक्स चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ छानबीन की तो पता चला कि आरोपितों का गैंग जीएसटी चोरी में लिप्त है। इस पर पुलिस ने गैंग लीडर जुबैर खान निवासी मोहल्ला गढ़ी, रामनरेश निवासी मोहल्ला गुड़ मंडी, सुखवीर निवासी रुटौल, पुष्पेंद्र निवासी कैलठा अलीगंज एटा, आदेश निवासी ग्राम पपड़ी खुर्द, मोबिन निवासी डुंडी गढ़ी, तारिख उर्फ तालिब निवासी मऊ रशीदाबाद, पवन मिश्रा निवासी ग्राम ललई के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी सुखवीर को टीपी चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस छापामारी कर रही है।