पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी, कोतवाली में फॅागिंग के धुएं के बीच खड़े पुलिसकर्मी
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इटावा कोतवाली में फॉगिंग कराने के लिए मंगलवार शाम को लॉकअप को खोला गया तो मच्छरों के साथ गैंगस्टर का गिरफ्तार आरोपी भी भाग निकला। आनन-फानन में तीन सिपाहियों को निलंबित कर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
एक होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को लिखा गया है। बुुधवार सुबह आरोपी को उसके दोस्त के घर से पुलिस ने दबोच लिया। मदद करने के आरोप में दोस्त को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। सती मोहल्ला निवासी विनय पाल उर्फ अंशुपाल पुत्र जयनारायण गैंगस्टर के मामले में आरोपी है।
वह कई महीने से फरार था। मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद कर दिया था। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे नगर पालिका की टीम कोतवाली में फॉगिंग करने पहुंची थी। कोतवाली के अन्य कक्षों के साथ फॉगिंग के लिए लॉकअप को भी खोल दिया गया। विनय के पहरे में कई दरोगा और सिपाही खड़े थे।
फॉगिंग का धुआं होने पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इसका फायदा उठाकर विनय लॉकअप से भाग निकला। धुआं छंटने पर आरोपी नहीं मिला तो कोतवाली में खलबली मच गई। इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई।
आनन-फानन में एसआई लाल सिंह की तहरीर पर सिपाही महेश कुमार, पंकज कुमार, सचिन और होमगार्ड रनवीर सिंह पर ड्यूटी पर लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसके अलावा तीनों सिपाहियों को निलंबित भी कर दिया गया।
होमगार्ड पर कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को लिखा गया है। एएसपी ओमवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बुधवार सुबह पुलिस ने विनय पाल को सती मोहल्ला निवासी दोस्त अंकित यादव पुत्र शौकीन सिंह के घर से दबोच लिया है।
अंकित मूल रूप से नगला सेवा थाना सैफई का निवासी है, उसे भी विनय की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। एएसपी का दावा है कि विनय पाल मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे लॉकअप से भागा था।