कानपुर में नरौरा से छोड़े गए पानी का असर शहर में दिखना शुरू हो गया है। गंगा के जलस्तर में लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी इजाफा हुआ। भैरोघाट पंपिंग स्टेशन के बाद नदी का जलस्तर 357.8 फीट दर्ज किया गया।
सोमवार को यह जलस्तर 355.8 फीट और 17 जून को 355.6 फीट था। गंगा के जलस्तर में दो दिनों के भीतर दो फीट की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। एक हफ्ते में बैराज का जलस्तर भी चार फीट बढ़ गया है। इससे भैरोघाट को भी ज्यादा पानी मिलना शुरू हो गया है। शहरवासियों को जल संकट से निजात मिलने की उम्मीद बंध गई है।
शहर में जलापूर्ति का सबसे बड़ा साधन गंगा नदी है। भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से जलकल रोजाना करीब 20 करोड़ लीटर कच्चा पानी लेता है। बेनाझाबर हेडक्वार्टर में शोधन के बाद इसे 38 जोनल पंपिंग स्टेशनों के जरिए घरों में पानी की सप्लाई होती है। इससे आधे शहर की प्यास बुझती है। फरवरी की शुरुआत में ही गंगा का जलस्तर गिरने और जलापूर्ति संकट होने लगा था। पांच जून को गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड 355 फीट पर पहुंच गया था। जलस्तर गिरने से भैरोघाट पंपिंग स्टेशन के दो पंप बंद हो गए थे। जलकल विभाग लगातार ड्रेजिंग कर पानी की सप्लाई कर रहा था। इसके लिए बंधा भी बनाया जा रहा था।